वेंडरों से मारपीट और अवैध वसूली के आरोप, 6 पुलिसकर्मी सस्पेंड, स्टेशन पर GRP की दबंगई उजागर
एमपी के ग्वालियर रेलवे स्टेशन से पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाली खबर सामने आई है। यहां जीआरपी नैरोगेज थाना पुलिस पर फूड वेंडरों के साथ मारपीट और अवैध वसूली के आरोप लगे हैं। इस घटना के बाद रेलवे परिसर में हड़कंप मच गया और मामला भोपाल तक पहुंच गया। पीड़ित वेंडर अमित धाकरे और राघव सिंह, जो एक निजी कंपनी के माध्यम से ट्रेनों में खाना सप्लाई करते हैं, उन्होंने आरोप लगाया है कि पिछले कई दिनों से जीआरपी पुलिस द्वारा उनसे अवैध वसूली का दबाव बनाया जा रहा था। शनिवार रात जब दोनों वेंडर बिलासपुर राजधानी एक्सप्रेस में ऑर्डर का खाना देने जा रहे थे, तभी पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोक लिया।
वेंडरों का कहना है कि उनके पास IRCTC का वैध पहचान पत्र मौजूद था, इसके बावजूद पुलिसकर्मियों ने उनके साथ बेरहमी से मारपीट की। आरोप है कि बेल्ट, लात-घूंसों से उन्हें पीटा गया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को इलाज के लिए जयारोग्य अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि, पुलिस का पक्ष इस मामले में अलग है। पुलिस का दावा है कि दोनों वेंडर रेलवे कॉलोनी में तेज रफ्तार से बाइक चला रहे थे और रोकने पर विवाद करने लगे, जिसके चलते बल प्रयोग करना पड़ा।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने तुरंत संज्ञान लिया। प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए जाने पर जीआरपी नैरोगेज थाना प्रभारी जितेंद्र चंदेरिया सहित कुल 6 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है और उच्च स्तरीय जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। गौरतलब है कि ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर वेंडरों से अवैध वसूली के आरोप पहले भी सामने आते रहे हैं। ऐसे में यह मामला एक बार फिर सिस्टम की पारदर्शिता और पुलिस की जवाबदेही पर सवाल खड़े कर रहा है।