राजसी ठाट-बाट से दुल्हन लेने पहुंचे दूल्हे, बारात ने जीता सबका दिल,कलेक्टर-विधायक बने बाराती
सरकारी योजना के तहत कराये जाने वाले विवाह कार्यक्रमों में अक्सर ऐसे नज़ारे देखने को नहीं मिलते। सादगी से होने वाले सामूहिक विवाह सम्मेलन को सादगी से ही जोड़ा जाता है। लेकिन जब इस तरह का भव्य और शाही नज़ारा दिखाई दिया तो हर कोई कह उठा वाह क्या बात है....जी हाँ एक साथ 66 जोड़े शादी के बंधन में बंधे। लेकिन इसमें सबसे ज्यादा ख़ास और चर्चा वाली चीज रही दूल्हों की बारात, कोई घोड़ी पर तो कोई फूलों से सजी हुई जिप्सियों में सवार था। नज़ारा पन्ना जिले के अमानगंज का है। जहां राजसी ठाट-बाट ने सबका दिल जीत लिया। खुद पन्ना कलेक्टर और गुनौर विधायक वीआईपीयों की तरह शामिल नहीं हुए बल्कि दूल्हों के साथ कदमताल करते नज़र आये।
दरअसल अमानगंज में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत हुआ महासंगम किसी शाही शादी से कम नहीं था। यहाँ 66 जोड़े शादी के बंधन में बंधे। और उनके स्वागत में पूरा नगर उमड़ पड़ा। इस आयोजन की सबसे अनोखी और चर्चा वाली बात रही बारातियों की टोली। यहाँ पन्ना कलेक्टर ऊषा परमार और गुनौर विधायक डॉ. राजेश वर्मा किसी मुख्य अतिथि की तरह नहीं, बल्कि आम बारातियों की तरह दूल्हों के साथ पैदल चलते नजर आए।
फूलों से सजी बग्घियाँ, खुली जीप्सियाँ और डीजे की धुन पर नाचते बाराती नजारा ऐसा था कि दूल्हों ने भी भावुक होकर कहा, सोचा न था कि हमारी शादी इतनी भव्य होगी। प्रशासन के इस अपनेपन ने गरीब परिवारों के चेहरों पर मुस्कान बिखेर दी। यह आयोजन न केवल सामाजिक समरसता का प्रतीक बना, बल्कि शासन की कल्याणकारी मंशा को भी धरातल पर साबित कर गया। वाकई, अमानगंज की यह बारात सालों तक याद रखी जाएगी।