सागर-गेहूं खरीदी में देरी पर फूटा गुस्सा, कांग्रेस का धरना, किसानों ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी
सागर जिले के बंडा में किसानों की समस्याओं को लेकर सियासत गरमा गई है। गेहूं खरीदी केंद्र शुरू न होने और क्षेत्रीय मुद्दों के समाधान की मांग को लेकर कांग्रेस ने बरा चौराहा पर जोरदार धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर जल्द कार्रवाई की मांग की। कांग्रेस नेताओं और किसानों का आरोप है कि गेहूं की फसल तैयार हुए करीब एक महीना बीत चुका है, लेकिन अब तक शासकीय खरीदी केंद्र शुरू नहीं किए गए हैं। इस वजह से किसान मजबूरी में अपनी उपज स्थानीय व्यापारियों को औने-पौने दामों में बेचने को मजबूर हैं। किसानों का कहना है कि उन्हें 2000 से 2100 रुपये प्रति क्विंटल तक ही दाम मिल रहे हैं, जो न्यूनतम समर्थन मूल्य से काफी कम है।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि शासन द्वारा 10 अप्रैल से खरीदी केंद्र शुरू करने की घोषणा की गई थी, लेकिन जमीनी स्तर पर अब तक कोई व्यवस्था नहीं की गई। उन्होंने इसे किसानों के साथ अन्याय बताते हुए कहा कि सरकार का यह रवैया व्यापारियों को फायदा पहुंचाने वाला है। धरने के दौरान किसानों ने खरीफ सीजन की तैयारियों को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने मांग की कि मई महीने से पहले खाद और बीज का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसानों को समय पर संसाधन मिल सकें।
इसके अलावा बंडा के सिविल अस्पताल की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए गए। आरोप है कि अस्पताल में मरीजों को जानबूझकर रेफर किया जाता है, जिससे गरीब मरीजों को निजी अस्पतालों में महंगा इलाज कराना पड़ता है। इस पूरे मामले की जांच की मांग भी की गई। साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों में मानसून से पहले साफ-सफाई, नालों और जलाशयों की सफाई और मलेरिया रोकथाम के लिए कीटनाशक छिड़काव की भी मांग उठाई गई। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर मांगें पूरी नहीं हुईं, तो किसान और आमजन मिलकर बड़ा आंदोलन करेंगे, जिसकी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।