नरवाई नहीं जलेगी अब खेतों में कृषि विभाग की पहल, किसानों को मुफ्त समाधान
एमपी के हरदा जिले के खिरकिया विकासखंड में कृषि विभाग की पहल किसानों के लिए राहत और जागरूकता दोनों लेकर आई है। कलेक्टर सिद्धार्थ जैन के निर्देशन और उपसंचालक कृषि जे.एल. कास्दे के मार्गदर्शन में कृषि विभाग की टीम लगातार गांव-गांव पहुंचकर किसानों को नरवाई प्रबंधन के प्रति जागरूक कर रही है। इसी कड़ी में कृषि विभाग की टीम ने खमलाय और बारंगा जैसे गांवों का दौरा किया, जहां नरवाई प्रबंधन का एक बेहतरीन मॉडल देखने को मिला। यहां सेवरोन एनर्जी सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा आधुनिक मशीनों के माध्यम से नरवाई को समेटकर बंडल बनाए जा रहे हैं। खास बात यह है कि इस पूरी प्रक्रिया के लिए किसानों से कोई शुल्क नहीं लिया जा रहा है।
मशीन के मैनेजर शुभम राजपूत ने बताया कि नरवाई जलाने से जहां जमीन की उर्वरा शक्ति कम होती है, वहीं पर्यावरण को भी भारी नुकसान पहुंचता है। इसके विपरीत, इस तकनीक के जरिए नरवाई का सही प्रबंधन कर किसान अपनी भूमि की गुणवत्ता को बनाए रख सकते हैं। वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी टी.आर. चौहान ने किसानों को समझाते हुए कहा कि यह तरीका न केवल आसान है, बल्कि पूरी तरह से निःशुल्क भी है। इससे खेतों में आग लगाने की जरूरत खत्म हो जाती है और किसानों को किसी प्रकार का नुकसान नहीं उठाना पड़ता।
दौरे के दौरान कृषि विस्तार अधिकारी शिवनारायण गुर्जर और दीपक पचोरिया भी मौजूद रहे, जिन्होंने किसानों को इस तकनीक के फायदे विस्तार से बताए। कृषि विभाग की यह पहल न सिर्फ किसानों को आर्थिक रूप से मदद पहुंचा रही है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक बड़ा कदम साबित हो रही है। अब जरूरत है कि अधिक से अधिक किसान इस जागरूकता अभियान से जुड़ें और नरवाई जलाने की परंपरा को छोड़कर आधुनिक तकनीकों को अपनाएं।