इलाज के दौरान 9 महीने के मासूम की गयी जा-न,अस्पताल पर लापरवाही के आरोप !
अस्पताल में भर्ती एक नौ साल के मासूम की इलाज के दौरान जान चली गयी। जिसके बाद परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगमा कर दिया। साथ ही अस्पताल के बाहर चक्काजाम भी किया। इस दौरान प्रदर्शन करते हुए परिजनों ने डॉक्टरों पर गंभीर आरोप लगाए। वहीं दूसरी तरफ अस्पताल प्रबंधन ने परिवार द्वारा झाड़ फूंक कराये जाने की बात कही। साथ ही पुलिस को एक वीडियो भी सौंपा। मामला ग्वालियर जिले का है। सूचना मिलने के बाद मौके पर पुलिस पहुंची। और लोगों को समझाइश दी गयी। मृतक बच्चे की पहचान तनुज कुशवाहा के रूप में हुई। परिजनों से मिली जानकारी के मुताबिक बच्चे को उल्टी और सांस संबंधी परेशानी (पसली चलने) की शिकायत थी। उसे बीते 22 अप्रैल की दोपहर में जनकगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत सरोज घर के सामने स्थित अंकुर बाल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। गुरुवार देर रात उसकी जान चली गई। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल की डॉक्टर स्नेहा गडकर ने उनकी मर्जी के खिलाफ बच्चे को सांस की नली लगाई और इंजेक्शन दिए। उनका कहना है कि बच्चे को मामूली तकलीफ थी, लेकिन गलत इलाज के कारण उसकी जान गई। मृतक की मां हेमलता का यह भी आरोप है की डॉक्टर ने मामले को दबाने 50 हजार रूपये देने की कोशिश की। अस्पताल प्रबंधन ने पुलिस को एक वीडियो सौंपा जिसमें दावा क़िया की एक शख्स झाड़-फूंक कर रहा है। जिसके बाद बच्चे को मां ने वापस बेड पर लिटा दिया। घटना के बाद गुस्साए परिजनों ने अस्पताल के बाहर धरना प्रदर्शन करते हुए चक्काजाम कर दिया। उन्होंने डॉक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। और स्थिति को नियंत्रित किया। जनकगंज सीएसपी मनीष यादव के मुताबिक इलाज के दौरान बच्चे की जान गयी है। मामले की जांच की जा रही है। फ़िलहाल बॉडी का पैनल पोस्टमार्टम कराया जाएगा। जिससे जान जाने के सही कारणों का पता चल सके। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। बताया गया की पुलिस ने अस्पताल से इलाज से जुड़े दस्तावेज भी जब्त कर लिए हैं।