MP | 2 साल पुराने डॉग बाइट ने ली छात्र की जा न, 80 दिन में 6वीं मौ त, रेबीज का कहर
मध्य प्रदेश के ग्वालियर से एक बेहद चिंताजनक और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां 21 साल के एक छात्र की रेबीज के चलते मौत हो गई। हैरानी की बात यह है कि युवक को करीब 2 साल पहले कुत्ते ने काटा था, लेकिन अब जाकर इसके घातक परिणाम सामने आए। इसी के साथ ग्वालियर में पिछले 80 दिनों में रेबीज से मौत का आंकड़ा बढ़कर 6 हो गया है। मुरैना जिले के सबलगढ़ निवासी सूरज सिंह पढ़ाई के लिए ग्वालियर में रह रहा था। इसी दौरान उसे एक स्ट्रीट डॉग ने काट लिया था। परिजनों के मुताबिक, उस समय प्राइवेट अस्पताल में एंटी-रेबीज इंजेक्शन भी लगवाए गए थे। लेकिन हाल ही में सूरज में रेबीज के लक्षण दिखाई देने लगे—खासतौर पर पानी से डर लगना, जिसे हाइड्रोफोबिया कहा जाता है। हालत बिगड़ने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
मेडिकल एक्सपर्ट्स का कहना है कि रेबीज एक घातक बीमारी है, लेकिन अगर समय रहते और पूरा इलाज लिया जाए तो इससे बचाव संभव है। जयारोग्य अस्पताल के पूर्व अधीक्षक डॉ. अशोक मिश्रा के मुताबिक, आमतौर पर रेबीज के लक्षण 1 से 3 महीने में सामने आते हैं, लेकिन कुछ मामलों में यह 2 से 4 साल बाद भी उभर सकते हैं। ग्वालियर में बीते 80 दिनों में रेबीज से मौत के 6 मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक शामिल हैं। यह आंकड़ा स्वास्थ्य व्यवस्था और जागरूकता दोनों पर सवाल खड़े करता है।
विशेषज्ञों की सलाह है कि कुत्ते या किसी भी जानवर के काटने पर तुरंत सरकारी अस्पताल में जाकर वैक्सीन लगवाएं, क्योंकि वहां कोल्ड चेन का सही पालन होता है। साथ ही, गंभीर घाव होने पर इम्युनोग्लोबिन इंजेक्शन लगवाना भी जरूरी है। यह घटना एक सख्त चेतावनी है—जानवरों के काटने को हल्के में लेना जानलेवा साबित हो सकता है।