सागर में सड़कों पर उतरकर महिलाओं का कड़ा विरोध, कांग्रेस और इंडी गठबंधन का फूंका पुतला
सागर में एक साथ दर्जनों की संख्या में महिलाएं काले कपड़ों में सड़कों पर उतरी और जोरदार विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। इस दौरान महिलाओं ने नारेबाजी भी की। इसके अलावा कांग्रेस और इंडी गठबंधन का पुतला भी दहन किया गया। दरअसल नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर भाजपा में जमकर आक्रोश देखने को मिला रहा है। इसको लेकर महिलाओं को गुस्सा फूट पड़ा। जहां नारी शक्ति वंदन अधिनियम को संसद में पारित न होने देने पर विपक्षी दलों के खिलाफ सागर में जन आक्रोश महिला पदयात्रा निकाली गयी। जिसमें सांसद लता वानखेड़े, महापौर संगीता सुशील तिवारी, विधायक शैलेन्द्र जैन, भाजपा जिला अध्यक्ष श्याम तिवारी, पूर्व विधायक सुधा जैन लीगल राइट्स काउंसिल की प्रदेश अध्यक्ष अनुश्री शैलेन्द्र जैन समेत कई अन्य लोगों की मौजूदगी रही।
शहर के चकराघाट पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। जहां सांसद लता वानखेड़े, विधायक शैलेंद्र जैन, महापौर संगीता तिवारी, जिला अध्यक्ष श्याम तिवारी, लीगल राइट्स कॉउंसिल की अध्यक्ष अनुश्री जैन और पूर्व विधायक सुधा जैन ने कार्यक्रम को संबोधित किया। इसके बाद रैली के रूप में सभी तीनबत्ती स्थित गौर मूर्ती के पास पहुंचे जहां विरोध जताते हुए कांग्रेस और इंडी गठबंधन का पुतला दहन किया।
इस दौरान सांसद लता वानखेड़े ने कहा की देश की नारी शक्ति अब अपने अधिकारों और सम्मान के लिए पूरी तरह जागरूक हो चुकी है। किसी भी प्रकार के अन्याय को स्वीकार नहीं करेगी। लोकसभा में हुई हालिया चर्चा के दौरान विपक्षी दलों द्वारा नारी सम्मान के मुद्दे को गंभीरता से नहीं लिया गया। जिससे देशभर की महिलाओं में आक्रोश है। उन्होंने कहा की महिलाओं को आरक्षण देने के लिए संविधान संशोधन ज़रूरी है। जिसके लिए दो-तिहाई बहुमत जरूरी होता है।
आक्रोश सभा को संबोधित करते हुए महापौर संगीता तिवारी ने कहा कि आज की यह आक्रोश रैली नारी सम्मान, नारी अधिकार और नारियों के स्वाभिमान के समर्थन में निकली जन-जन की आवाज है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम देश की आधी आबादी को अधिकार देने वाला एक ऐतिहासिक निर्णय है उन्होंने कहा की जो नारी शक्ति का सम्मान करेगा। वही देश का नेतृत्व करेगा और जो इसका विरोध करेगा। उसे जनता स्वयं जवाब देगी।
इसको लेकर सांसद लता वानखेड़े ने कहा की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं को लेकर तीन बिल लेकर आये थे। लेकिन कांग्रेस और इंडी गठबंधन द्वारा इसका विरोध करते हुए इस बिल को गिरा दिया गया।-