गोद लेने के नाम पर सौदा! बच्ची की खरीद-फरोख्त का खुलासा, बड़े रै के ट की आशंका
एमपी के इंदौर से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने गोद लेने की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां एक मासूम बच्ची को अवैध तरीके से गोद लेने और उसकी खरीद-फरोख्त का खुलासा हुआ है। इस मामले में श्योपुर पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, नए-नए खुलासे सामने आ रहे हैं। दरअसल, कुछ समय पहले श्योपुर में करीब ढाई साल की एक बच्ची संदिग्ध परिस्थितियों में मिली थी। जब पुलिस ने उसकी बैक-ट्रेसिंग शुरू की, तो पूरा मामला इंदौर से जुड़ता नजर आया। जांच के लिए श्योपुर पुलिस की टीम इंदौर के लसुड़िया थाना क्षेत्र पहुंची और स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर पड़ताल की।
जांच में सामने आया कि बच्ची को अवैध रूप से इंदौर के जरिए लाया गया था। इस पूरे मामले में श्योपुर के आकाश मूंदड़ा और कृतिका मूंदड़ा के नाम सामने आए, जिन्होंने इंदौर के महालक्ष्मी नगर निवासी नीतू जैन और वैभव जैन के माध्यम से बच्ची को धार जिले से हासिल किया था। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस पूरी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की कानूनी गोद लेने की प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। शुरुआती जांच में यह भी आशंका जताई जा रही है कि बच्ची का सौदा करीब एक लाख रुपए में हुआ। श्योपुर पुलिस ने इंदौर में जैन दंपत्ति से पूछताछ की है और अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं यह मामला किसी बड़े गिरोह से तो जुड़ा नहीं है, जो बच्चों की खरीद-फरोख्त में लिप्त हो। एडिशनल डीसीपी अमरेंद्र सिंह के मुताबिक, मामले की गंभीरता को देखते हुए हर एंगल से जांच की जा रही है। यह घटना न सिर्फ कानून व्यवस्था पर सवाल उठाती है, बल्कि समाज के सामने भी एक गंभीर चेतावनी है कि अवैध तरीके से गोद लेने के नाम पर कैसे मासूमों की जिंदगी दांव पर लगाई जा रही है।