संतों के नेतृत्व में निकली विशाल रैली, गौ संरक्षण के लिए उमड़ा जनसैलाब, राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन
एमपी के सागर संभाग के छतरपुर जिले के बक्सवाहा में गौ संरक्षण को लेकर जनभावनाओं का जबरदस्त उफान देखने को मिला। सनातन धर्मावलंबियों ने संतों के नेतृत्व में विशाल रैली निकालकर गौ माता की रक्षा के लिए जोरदार आवाज बुलंद की। इस दौरान राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार के माध्यम से ज्ञापन भी सौंपा गया। कार्यक्रम की शुरुआत स्थानीय सिद्ध स्थल बिहारी जू मंदिर से हुई, जहां सैकड़ों श्रद्धालु एकत्रित हुए। इसके बाद ढोल-नगाड़ों, भजन-कीर्तन और जयकारों के बीच रैली निकाली गई, जो बस स्टैंड पहुंचकर सभा में तब्दील हो गई। तपती दोपहर के बावजूद लोगों का उत्साह देखने लायक था और बड़ी संख्या में महिलाएं, युवा और बुजुर्ग इसमें शामिल हुए।
इस आंदोलन का नेतृत्व श्रीधाम वृंदावन स्थित गोरी लाल कुंज एवं पड़रिया धाम के महंत किशोर दास महाराज ने किया। सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “गौ माता भारतीय संस्कृति की आधारशिला हैं, उनकी रक्षा करना हर नागरिक का कर्तव्य है। जब गाय बचेगी, तभी राष्ट्र बचेगा।” उन्होंने सरकार से मांग की कि गौ संरक्षण के लिए सख्त और ठोस नीति बनाई जाए, गौशालाओं और गौ अभ्यारण का निर्माण हो, और देशभर में संचालित बूचड़खानों को बंद किया जाए।
इस मौके पर दिल्ली से आए वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता और महाराजा छत्रसाल स्मृति शोध संस्थान के अध्यक्ष डॉ. भरत पाठक ने भी कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने संतों का आशीर्वाद लेकर गौ सेवा, सुरक्षा और सम्मान के इस अभियान को अपना समर्थन दिया। पूरे कार्यक्रम के दौरान धार्मिक और शांतिपूर्ण माहौल बना रहा। साधु-संतों और श्रद्धालुओं ने एकजुट होकर गौ संरक्षण को संस्कृति और आस्था से जोड़ते हुए अपनी बात रखी। प्रशासन को सौंपे गए ज्ञापन में साफ तौर पर चेतावनी दी गई कि यदि जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो यह आंदोलन और बड़ा रूप ले सकता है।