गाय को राष्ट्रीय पशु का दर्जा दिलाने के अभियान तेज, सड़कों पर उतरे दर्जनों लोग
हिन्दू धर्म के शास्त्रो में लिखा है कि गाय माता की सेवा करना भगवान की सेवा करने के बराबर होती है किसी समय हमारे पूर्वजों द्वारा गाय और बछड़े को अपने घरों के बाहर रखा जाता था। उस समय बैलों को खेतों में हांकने जोतने बोने पर उनसे खेती की जाती थी। लेकिन समय निकल जाने के साथ आज गायों को लोगों ने अपने घरों में पालने के बजाय ऐसे ही छोड़ दिया है जिससे गाये कचरा खा रही है ये कैसी विडम्बना है आज तक शासन द्वारा गायों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है वहीं दूसरी तरफ हमारे देश में गायो को मारने स्लॉटर हाउस खुले हुए हैं यह बात उज्जैन जिले के नागदा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विश्व हिन्दू परिषद् के कार्यकर्ता ने कही है।
दरअसल नागदा में गाय को राष्ट्रीय सम्मान राष्ट्र माता का दर्जा दिए जाने पर विश्व हिन्दू परिषद के कार्यकर्ताओं ने एक विशाल रैली निकाली जिसके बाद अनुविभागीय अधिकारी को महामहिम राष्ट्रपति और कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा है। स्थानीय बस स्टैंड पर दर्जनों की संख्या में विश्व हिन्दू परिषद के कार्यकर्ता इकट्ठा हुए थे। जिसके बाद एक रैली निकाली गयी। नारे लगाते हुए सभी लोग अनुविभागीय अधिकारी नागदा कार्यालय पहुंचे। जहां गाय को राष्ट्रीय सम्मान और गाय को राष्ट्र माता का दर्जा दिया जाने के संबंध में महामहिम राष्ट्रपति और कलेक्टर के नाम ज्ञापन दिया।
इस दौरान बताया गया की देश में स्लॉटर हाउस खुले हुए हैं जो गलत है। साथ ही राष्ट्रपति से प्रार्थना करते हुए कहा कि गाय को राष्ट्रमाता घोषित कर राष्ट्रीय सम्मान दिलाने का विधेयक बनाने का आदेश प्रदान करें।