दूषित पानी को लेकर सियासत तेज, नगर पालिका में हुई जमकर नोंक-झोंक, बीच बचाव से मामला शांत
दूषित पेयजल को लेकर सियासत अब और भी तेज हो गयी है। नगर पालिका कार्यालय पहुंचे कांग्रेस नेता की जल कार्य के सभापति से तीखी नोंक झोंक हो गयी। इस दौरान बहसबाजी इतनी बढ़ गयी की अगर बीच बचाव नहीं किया जाता तो शायद ये बड़े विवाद में बदल जाता। वाहन मौजूद जनप्रतिनिधि और अन्य लोगों ने मामले को शांत कराया। दरअसल उज्जैन जिले के नागदा में दूषित पेयजल पर सियासत तेज होती जा रही है। इसी को लेकर नगर पालिका कार्यालय में हंगामा देखने को मिला।
नागदा शहर में नलों से दूषित पेयजल सप्लाई के मामले ने उस समय और भी तूल पकड़ लिया। जब गंदे पानी की समस्या को लेकर सर्व समाज महिला मंडल ने नगर पालिका पहुंचकर अध्यक्ष प्रतिनिधि ओपी गहलोत के सामने कड़ा विरोध दर्ज कराया। महिलाओं ने आरोप लगाया कि दूषित पानी के सेवन से शहरवासियों के स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ रहा है। दूषित पानी पीने से लोग बीमार पड़ रहे है। इंदौर जैसी घटना नागदा में न हो इसको लेकर महिलाओं ने कड़ा विरोध जताया। इसी मौके पर पहुंचे कांग्रेस नेता बसंत मालपानी और चितवन मालपानी ने भी पिछले एक महीने से नगर में बदबूदार पानी की सप्लाई को लेकर नाराजगी जताई। और नगर पालिका कार्यालय पर पहुंचकर उन्होंने नगर पालिका प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए व्यवस्था में जल्द सुधार की मांग की। जहां इस दौरान जल कार्य सभापति प्रकाश जैन और कांग्रेस नेता चितवन मालपानी के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। विवाद इतना बढ़ा कि स्थिति हाथापाई तक पहुंचने की नौबत आ गई। हालांकि मौके पर मौजूद पार्षद प्रतिनिधि सुभाष रावल और वहां खड़े पत्रकारों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया।-