स्लॉट बुकिंग न होने से परेशान किसानों का फूटा गुस्सा, दी साफ़ चेतावनी, लापरवाही के आरोप
स्लॉट बुकिंग न होने से किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। एक तरफ सरकार ये दावा करती है की वो किसान हितैषी सरकार है। लेकिन वही किसान परेशानी झेल रहा है। जिसकी कोई सुनवाई नहीं की जा रही है। इसी को लेकर किसानों के सब्र का बाँध टूट गया और बड़ी संख्या में अन्नदाता जय जवान-जय किसान के नारों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे। जहां स्लॉट बुकिंग सिस्टम पर उनका जमकर गुस्सा फूट पड़ा। नज़ारा उमरिया जिले का है।
अपने ही पसीने से उगाए अनाज को बेचने किसान इन दिनों तकनीकी सिस्टम की मार झेल रहे हैं। स्लॉट बुकिंग की समस्या ने किसानों की कमर तोड़ दी है। इसी नाराजगी के बीच जिले के कई गांवों के किसान उमरिया कलेक्ट्रेट पहुंचे और मोर्चा खोलते हुए प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।
किसानों का कहना है कि 2026-27 की खरीदी प्रक्रिया में स्लॉट बुकिंग नहीं हो पाने के कारण वे मंडियों में घंटों-घंटों तक भटकने को मजबूर हैं। भीषण, झुलसा देने वाली गर्मी में अपने अनाज से भरे वाहन लेकर पहुंचने वाले किसान ना तो समय पर तौल करा पा रहे हैं और ना ही उन्हें कोई राहत मिल रही है।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि मंडियों में न छांव की व्यवस्था है न पानी की, ऐसे में किसान तपती धूप में इंतजार करने को मजबूर हैं। कई बार पूरा दिन गुजर जाने के बाद भी उनका नंबर नहीं आता। जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। किसानों ने साफ कहा कि यह सिर्फ तकनीकी खामी नहीं, बल्कि व्यवस्था की बड़ी लापरवाही है। उन्होंने मांग की है कि स्लॉट बुकिंग सिस्टम को तत्काल दुरुस्त किया जाए और मंडियों में मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। किसानों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।