बेटियां इंतजार करती रह गई पापा लौटे ही नहीं,माँ के बाद पिता को हादसे ने छीन लिया, रुला देगी ये खबर !
सड़क किनारे खड़े हुए एक ट्रॉले में पीछे तरफ से आ रहा एक तेज रफ़्तार डंपर घुस गया। जिसके बाद उसमें आग लग गयी। और एक दिल को झकझोर देने वाली घटना हुई। दरअसल डंपर में आग लगने के दौरान ड्राइवर और क्लीनर अंदर ही फंस गए थे। जिनकी ज़िंदा जलने से दुखद जान चली गयी। वहीं हैरान कर देने वाली बात ये भी है की तकरीबन एक घंटे तक दोनों जलते रहे। इस दौरान ट्रॉला भी आग की चपेट में आकर जल उठा। निवाड़ी जिले से सामने आई इस घटना ने दहला कर रख दिया। घटना की सूचना मिलने के बाद फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची थी।
जहां काफी मशक्कत के बाद करीब चार दमकलों की मदद से आग पर काबू पाया जा सका। वहीं घटना के बाद केबिन काटकर दोनों की डेड बॉडी को अंदर से निकाला गया। यह पूरा हादसा बड़े तालाब के पास से सामने आया। आग की लपटें दूर से ही दिखाई दे रही थीं। इस घटना में एक और हैरान कर देने वाली बात भी सामने आई है। मृतक गोपाल की पत्नी की 5 साल पहले जान जा चुकी है उसकी एक बेटी की उम्र 12 तो दूसरी की उम्र 15 साल है। अब दोनों का सहारा उनके बुजुर्ग दादा-दादी ही हैं। तो ड्राइवर राजा के चार बच्चों का पालन-पोषण दादी और मां के सहारे है।
बताया जा रहा है की मृतकों की पहचान राजा अहिरवार और गोपाल अहिरवार के रूप में हुई है। दोनों चैनपुरा, बटियागढ़, नरसिंहगढ़ के रहने वाले थे। परिजन के आने के बाद निवाड़ी जिला अस्पताल में बॉडी का पोस्टमॉर्टम किया गया। बताया गया की राजा की तीन बेटियां और एक बेटा है। वहीं गोपाल की दो बेटियां हैं।
जानकारी के मुताबिक टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों वाहनों में आग लग गई थी। जिसके बाद फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई थी। इसके अलावा क्रेन की मदद से डंपर के केबिन को हटाकर देखा तो दो डेड बॉडी जली हुई मिली। दोनों मृतक डंपर से दमोह-नरसिंहपुर से पारीक्षा झांसी की तरफ जा रहे थे। ऐसा बताया गया की प्रथम दृष्टया ट्रॉला चालक की लापरवाही सामने आई है। उसने लाइट चालू नहीं कर रखी थी। जिससे पता नहीं चल पाया कि ट्रॉला सड़क किनारे खड़ा है। पुलिस ने बताया कि पीछे वाले ट्रक में सीमेंट बनाने में इस्तेमाल होने वाली राख भरी थी। जो टक्कर के बाद सड़क पर फैल गई। इस कारण आग तेजी से फैली। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर यातायात को नियंत्रित कर स्थिति को सामान्य किया था।