हज़ारों किसानों का एक साथ प्रदर्शन, दो दिन के आंदोलन स्थगित,मांगें न माने जाने पर घेराव की चेतावनी
MSP, गेहूं की स्लॉट बुकिंग में हो रही देरी और अन्य प्रशासनिक समस्याओं को लेकर किसान परेशान हैं। इन्ही सब परेशानियों को लेकर किसानों ने बड़े आंदोलन की चेतावनी दी थी। हजारों किसानों ने ट्रैक्टर रैली निकालते हुए कृषि उपज मंडी में एकजुट होकर अपनी मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया था। जिसे फिलहाल प्रशासन से सहमति बनने के बाद दो दिनों के लिए स्थगित कर दिया गया है। मामला एमपी के हरदा जिले का है। जहां किसान अपनी मांगों को लेकर अड़े हुए हैं। दो दिन बाद उन्होंने कलेक्टर कार्यालय घेराव की चेतावनी दी है।
हरदा जिले में किसानों द्वारा आयोजित किसान जन क्रांति आंदोलन फिलहाल दो दिनों के लिए स्थगित कर दिया गया है। हजारों किसानों ने ट्रैक्टर रैली निकालते हुए कृषि उपज मंडी में एकजुट होकर अपनी मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया था। आंदोलन का मुख्य मुद्दा MSP और गेहूं की स्लॉट बुकिंग में हो रही देरी और अन्य प्रशासनिक समस्याएं थीं, जिनसे किसान लंबे समय से परेशान हैं। प्रदर्शन के दौरान नर्मदापुरम के संयुक्त कलेक्टर और वर्तमान डिप्टी कमिश्नर दिवाकर नारायण पटेल मौके पर पहुंचे और किसानों से सीधा संवाद किया। अधिकारियों और किसानों के बीच बातचीत के बाद यह सहमति बनी कि गेहूं स्लॉट बुकिंग की समस्या को दो दिनों के भीतर सुधार लिया जाएगा। इसके साथ ही अन्य मांगों पर भी सकारात्मक रुख दिखाया गया।
हालांकि, किसान केवल मौखिक आश्वासन से संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि सभी मांगों पर लिखित आश्वासन दिया जाए। इसी को लेकर दोनों पक्षों में सहमति बनी कि आंदोलन को दो दिन के लिए स्थगित रखा जाए। जन क्रांति आंदोलन के संयोजक राजेंद्र पटेल ने चेतावनी दी है कि अगर लिखित आश्वासन नहीं मिला तो दो दिन बाद बिना सूचना के कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया जाएगा।