ओलावृष्टि से राहत भी, किसानों पर आफत भी, MP में मौसम का यू-टर्न!
मध्य प्रदेश में मौसम ने अचानक ऐसा यू-टर्न लिया कि जहां आम लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली, वहीं किसानों पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा। टीकमगढ़, निवाड़ी और मुरैना समेत कई जिलों में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया। पिछले करीब 15 दिनों से प्रदेश के कई हिस्से तेज गर्मी और लू की चपेट में थे। तापमान 43 डिग्री के पार पहुंच चुका था, जिससे लोग बेहाल थे। ऐसे में गुरुवार को अचानक मौसम बदला और तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। तापमान में गिरावट आई और लोगों ने राहत की सांस ली।
लेकिन यह राहत किसानों के लिए आफत बनकर आई। मुरैना में तेज ओलावृष्टि ने हालात बिगाड़ दिए। आसमान से गिरे बड़े-बड़े ओलों ने सड़कों और खेतों को सफेद चादर में बदल दिया। कई जगह लोग सुरक्षित ठिकानों की ओर भागते नजर आए। किसानों की खड़ी और कटी हुई फसलों को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। वहीं टीकमगढ़ में शाम करीब 4 बजे तेज आंधी-तूफान के साथ बारिश और ओले गिरे। करीब 15 से 20 मिनट तक बेर के आकार के ओले गिरते रहे, जिससे खेतों में रखी फसलें भीग गईं। इतना ही नहीं, गेहूं खरीदी केंद्रों पर खुले में रखा सैकड़ों क्विंटल अनाज भी पानी में भीग गया, जिससे किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ सकता है।
निवाड़ी में भी तेज बारिश और आंधी का असर देखने को मिला। कई जगहों पर पेड़ और टावर गिरने की घटनाएं सामने आईं। टीकमगढ़ के सिविल लाइन क्षेत्र में पुलिस कंट्रोल रूम पर टावर गिर गया, हालांकि गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया। कलेक्टर विवेक श्रोतीय और एसपी मनोहर सिंह मंडलोई मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। फिलहाल मौसम सुहावना जरूर हो गया है, लेकिन किसानों की चिंता बढ़ गई है। अब नजर प्रशासन पर है कि नुकसान का आकलन कर उन्हें कितनी राहत मिलती है।