सागर कलेक्टर का औचक निरीक्षण, खरीदी केंद्रों की हकीकत आई सामने, लापरवाही पर नोटिस जारी
सागर जिले में गेहूं खरीदी व्यवस्था को लेकर कलेक्टर प्रतिभा पाल एक्शन मोड में नजर आईं। गुरुवार को उन्होंने गजानंद वेयरहाउस और बागखेड़ा स्थित अनिल तिवारी वेयरहाउस के उपार्जन केंद्रों का औचक निरीक्षण किया, जिससे वहां मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने खरीदी प्रक्रिया, बारदानों की उपलब्धता और अनाज के सुरक्षित भंडारण की व्यवस्थाओं को बारीकी से परखा। उन्होंने मौके पर मौजूद किसानों से सीधे संवाद कर पंजीयन, मैसेज प्राप्ति और तुलाई में लगने वाले समय को लेकर फीडबैक लिया। किसानों से बातचीत के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आईं, जिस पर कलेक्टर ने तुरंत सुधार के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने सख्त लहजे में निर्देश देते हुए कहा कि हर उपार्जन केंद्र पर कम से कम 6 तौल कांटे अनिवार्य रूप से लगाए जाएं और सभी कांटों पर लगातार तुलाई कार्य चलता रहे, ताकि किसानों को इंतजार न करना पड़े। साथ ही उन्होंने पर्याप्त बारदाना, सिलाई मशीन, कंप्यूटर, इंटरनेट और ऑपरेटर की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा किसानों के लिए छाया, ठंडा पेयजल, बैठने की व्यवस्था जैसी मूलभूत सुविधाओं का भी जायजा लिया गया। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि किसी भी स्थिति में किसानों को असुविधा नहीं होनी चाहिए।
निरीक्षण के दौरान लापरवाही सामने आने पर कलेक्टर ने केंद्र संचालक, प्रशासक और सर्वेयर को नोटिस जारी कर एक दिन के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। मौसम में संभावित बदलाव और बारिश को देखते हुए कलेक्टर ने सभी केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिए कि खरीदी गई उपज को तिरपाल से ढककर सुरक्षित रखा जाए, ताकि अनाज खराब न हो। इस दौरान एसडीएम अमन मिश्रा, डीएसओ ज्योति बघेल सहित अन्य अधिकारी और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। साफ संदेश—किसानों की सुविधा से कोई समझौता नहीं, लापरवाही पर सीधी कार्रवाई!