हथिनी गायत्री की मौ त, एन्थ्रेक्स के लक्षण से हड़कंप, जंगल में अलर्ट और फिर बढ़ी सतर्कता
मध्यप्रदेश के उमरिया जिले से एक चिंताजनक खबर सामने आई है, जहां विश्वप्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में एक कम उम्र की हथिनी की मौत ने वन विभाग और वन्यजीव विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है। करीब साढ़े चार साल की मादा हथिनी ‘गायत्री’ की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, जिसमें एन्थ्रेक्स जैसी खतरनाक बीमारी के लक्षण पाए गए हैं। जानकारी के मुताबिक, गायत्री पिछले कुछ दिनों से बीमार थी और उसे लगातार डायरिया की शिकायत थी। वन विभाग की टीम और वन्यजीव चिकित्सकों द्वारा उसका इलाज किया जा रहा था, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका। इलाज के दौरान ही उसकी मौत हो गई।
मृत्यु के बाद हथिनी का पोस्टमार्टम किया गया, जिसमें एन्थ्रेक्स संक्रमण की आशंका जताई गई है। एन्थ्रेक्स एक बेहद खतरनाक बैक्टीरियल बीमारी है, जो Bacillus anthracis नामक जीवाणु से फैलती है। यह बैक्टीरिया आमतौर पर मिट्टी में मौजूद रहता है और बारिश के बाद इसके स्पोर्स सतह पर आ जाते हैं। घास और पानी के जरिए यह जानवरों के शरीर में प्रवेश कर उन्हें संक्रमित कर सकता है। इस घटना के बाद वन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। जिस कैंप में गायत्री को रखा गया था, वहां के अन्य हाथियों को तुरंत दूसरी सुरक्षित जगह शिफ्ट कर दिया गया है। साथ ही उनका स्वास्थ्य परीक्षण और निगरानी लगातार की जा रही है, ताकि किसी और जानवर में संक्रमण फैलने से रोका जा सके।
सीसीएफ शहडोल महेंद्र सिंह ने बताया कि मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है और सभी आवश्यक सावधानियां बरती जा रही हैं। वन विभाग की टीम पूरे इलाके पर नजर बनाए हुए है और विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर जंगलों में फैलने वाली संक्रामक बीमारियों के खतरे को उजागर कर दिया है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि वन विभाग इस स्थिति को कितनी जल्दी नियंत्रित कर पाता है।