बरगी डैम त्रासदी पर CM सख्त, हाई लेवल जांच के आदेश, पीड़ितों से मिलकर दिया भरोसा
एमपी के जबलपुर के बरगी डैम में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव खुद मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया, रेस्क्यू ऑपरेशन का जायजा लिया और पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि हादसे की उच्च स्तरीय जांच होगी और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। बरगी डैम पहुंचे मुख्यमंत्री के साथ डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा, मंत्री राकेश सिंह और धर्मेंद्र लोधी भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और रेस्क्यू ऑपरेशन को तेज करने के निर्देश दिए। अब तक इस हादसे में 9 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 28 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। कई लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश जारी है।
मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए राज्य सरकार की ओर से 4-4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2-2 लाख रुपए की सहायता राशि का भी जिक्र किया। इस हादसे में बहादुरी दिखाने वाले जल जीवन मिशन के मजदूरों की भी मुख्यमंत्री ने सराहना की। उन्होंने कई लोगों की जान बचाने वाले मजदूरों को 51-51 हजार रुपए का इनाम देने का ऐलान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हादसे की जांच के लिए हाई लेवल कमेटी बनाई जाएगी, जिसमें जबलपुर कमिश्नर, होमगार्ड और नागरिक सुरक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। जांच में हादसे की परिस्थितियों, सुरक्षा मानकों और क्रूज संचालन की खामियों को परखा जाएगा। प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि क्रूज में तय संख्या से ज्यादा लोग सवार थे और कई यात्रियों ने लाइफ जैकेट भी नहीं पहनी थी। अचानक आए तेज तूफान के चलते क्रूज अनियंत्रित होकर पलट गया। इस दर्दनाक हादसे की एक मार्मिक तस्वीर ने सभी को झकझोर दिया, जब एक मां अपने 4 साल के बेटे को सीने से लगाए मृत मिली। फिलहाल रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है, लेकिन इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजरें जांच रिपोर्ट और सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।