आधी रात मेगा सर्च, 44 किशोर उतारे गए, अंत्योदय एक्सप्रेस में ह्यूमन ट्रैफिकिंग का शक
मध्यप्रदेश के उज्जैन रेलवे स्टेशन पर गुरुवार रात उस वक्त हड़कंप मच गया, जब अंत्योदय एक्सप्रेस में ह्यूमन ट्रैफिकिंग की आशंका पर पुलिस और प्रशासन ने मेगा सर्च ऑपरेशन चलाया। दरभंगा से अहमदाबाद जा रही इस ट्रेन में बड़ी संख्या में नाबालिगों को ले जाए जाने की सूचना मिली थी, जिसके बाद पूरे सिस्टम में अलर्ट जारी कर दिया गया। जानकारी के मुताबिक, महिला एवं बाल विकास विभाग को रात करीब 10:45 बजे इनपुट मिला था कि ट्रेन में 100 से ज्यादा नाबालिग संदिग्ध परिस्थितियों में सफर कर रहे हैं। सूचना मिलते ही जीआरपी, आरपीएफ, चाइल्ड वेलफेयर कमेटी और प्रशासन की टीम प्लेटफॉर्म नंबर 5 पर पहुंच गई। रात करीब 11:30 बजे ट्रेन के स्टेशन पर पहुंचते ही सभी कोचों में सघन तलाशी अभियान शुरू किया गया।
काफी देर तक चली जांच में शुरुआत में कोई ठोस सफलता नहीं मिली, जिसके बाद ट्रेन को रवाना कर दिया गया। लेकिन इसी बीच अधिकारियों को कुछ संदिग्ध फोटो मिले, जिनके आधार पर कार्रवाई तेज की गई। सीएसपी दीपिका शिंदे और उनकी टीम ने एक कोच से 4 किशोरों को उतारकर पूछताछ शुरू की। इसके बाद नागदा स्टेशन को अलर्ट किया गया, जहां ट्रेन को रोककर दोबारा सर्चिंग की गई। यहां से करीब 40 किशोरों को उतारकर जांच की गई। इस तरह कुल 44 किशोर संदिग्ध स्थिति में पाए गए, जिनसे देर रात तक पूछताछ चलती रही।
उज्जैन में मिले किशोरों ने बताया कि वे सोमनाथ जा रहे थे और उनके परिजनों ने भी इस बात की पुष्टि की। वहीं श्रम विभाग की सहायक आयुक्त रेखा जोशी के अनुसार, सूचना थी कि कुछ लोग नाबालिगों को बिहार से गुजरात ले जा रहे हैं। फिलहाल यह पता लगाया जा रहा है कि इन किशोरों को कौन और किस उद्देश्य से ले जा रहा था। यह मामला संभावित मानव तस्करी से जुड़ा होने के कारण बेहद गंभीर माना जा रहा है। प्रशासन हर पहलू से जांच कर रहा है, ताकि सच्चाई सामने लाई जा सके और यदि कोई गिरोह सक्रिय है तो उस पर सख्त कार्रवाई की जा सके।