सागर- ये हैं खुरई के आर्यभट्ट, गणित में 100 में से 100 अंक,दादा-दादी और पिता का अटूट संघर्ष
कहते हैं की सच्चे दिल से की गयी मेहनत और अटूट लगन की किया गया काम कभी बेकार नहीं जाता। एक न एक दिन परिणाम जरूर अच्छा मिलता है। इसी तरह सागर जिले के खुरई में रहने वाला एक छात्र भी है। जिसने अपने पिता और दादा-दादी के संघर्ष की बदौलत कमाल कर दिखाया है। निजी स्कूल के छात्र हर्षित राजा बुंदेला ने 10वीं में गणित में 100 में से 100 अंक हासिल किए हैं। इसके पीछे दादा-दादी और पिता की सालों की तपस्या है। अब लोग उसे खुरई का आर्यभट्ट बुला रहे हैं।
इस सब में हर्षित राजा बुंदेला की सिर्फ कड़ी मेहनत नहीं बल्कि उसकी इस कामयाबी में दादा-दादी का सबसे बड़ा हाथ भी है। दरअसल दादी रोज सुबह 4 बजे मोबाइल पर अलार्म लगाकर हर्षित को पढ़ाई के लिए जगाती थीं। ठंड हो या गर्मी, दादी का ये नियम कभी नहीं टूटा। वहीं उसके दादा ने खेती-किसानी कर और पिता ने फैक्ट्री में दिन-रात मेहनत कर बेटे की पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी। घर की माली हालत ठीक न होने के बावजूद परिवार ने हर्षित को हर सुविधा दी ताकि वो सिर्फ पढ़ाई पर ध्यान दे सके। हर्षित की इस सफलता पर स्कूल परिवार, शिक्षकों और परिजनों ने बधाई दी है। प्राचार्य ने कहा कि हर्षित शुरू से ही मेधावी छात्र रहा है और गणित उसका प्रिय विषय है। नियमित अभ्यास और गुरुओं के मार्गदर्शन से उसने यह मुकाम हासिल किया।
हर्षित की दादी जहां गांव से मोबाइल पर बात करती थीं और याद आने के बाद भी नाती को गांव नहीं बुलाती थी। वहीं रोज सुबह 4 बजे मोबाइल का अलार्म लगाकर उसे पढ़ाई के लिए जगाते थे। दादा ने किसानी और पिता ने फैक्ट्री में मजदूरी कर बेटे की पढ़ाई का खर्च उठाया। हर्षित ने कहा ये नंबर उसके परिवार की तपस्या का नतीजा हैं।