रेत माफियाओं पर कसेगा शिकंजा, अवैध रेत खनन पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, टीम पहुंची निरीक्षण करने
लगातार हो रही घटनाओं के बाद अब रेत माफियाओं पर शिकंजा कसा जा रहा है। अवैध तरीके से किये जा रहे रेत के उत्खनन को लेकर सुप्रीम कोर्ट सख्त हो गया है। इसी को लेकर एमपी के मुरैना में बड़ी कार्यवाई भी शुरू की गयी है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद गठित हुई टीम मौके पर पहुंची और घाटों का निरीक्षण किया। साथ ही सम्बंधित लोगों से बातचीत भी की गयी। बता दें की सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर चंबल नदी में हो रहे अवैध रेत उत्खनन को लेकर कार्रवाई शुरू की गई है। कोर्ट के निर्देश पर गठित 4 सदस्यीय समिति जांच के लिए राजघाट पहुंची और हालात का जायजा लिया। समिति के सदस्य सीपी गोयल ने मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के एसपी, कलेक्टर और वन अधिकारियों के साथ अहम बैठक की। इस दौरान अवैध खनन को रोकने के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए।
बताया जा रहा है की सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर बनी समिति ने चंबल नदी के कई घाटों का निरीक्षण कर मौके पर अवैध रेत उत्खनन की स्थिति देखी। तीनों राज्यों के अफसरों के साथ चर्चा कर खनन के साथ अन्य जानकारी लीं। समिति के सदस्यों ने अधिकारियों के साथ एक विस्तृत योजना पर चर्चा कर जमीनी स्तर पर कार्रवाई की रणनीति बनाई। जिससे कोर्ट के मंशानुसार चंबल नदी में अवैध खनन पर रोक लगे।
इसके अलावा बैठक में कुछ ज़रूरी फैसले भी लिए गए हैं जिनमें संवेदनशील घाटों पर वायरलेस सेट और वन चौकियों की स्थापना करना, वनरक्षकों की सुरक्षा के लिए नए हथियार उपलब्ध कराए जाएंगे, वन विभाग, पुलिस और खनन विभाग संयुक्त रूप से कार्रवाई करेंगे। तीनों राज्यों के बीच बेहतर समन्वय बनाकर सख्त निगरानी रखी जाएगी। अब माफियाओं पर शिकंजा कैसा जायेगा। चंबल नदी में लंबे समय से चल रहे अवैध रेत उत्खनन पर अब बड़ी कार्रवाई के संकेत मिल रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में गठित समिति की सक्रियता से उम्मीद है कि रेत माफियाओं पर प्रभावी रोक लगेगी। फिलहाल प्रशासन अलर्ट मोड पर है और आने वाले दिनों में बड़े एक्शन की संभावना जताई जा रही है।