70 साल पुरानी बस्ती हटाने के दौरान बवाल, पुलिस पर लाठी बरसाने के आरोप ! | SAGAR TV NEWS |
70 साल पुरानी बस्ती हटाए जाने के दौरान उस समय जमकर बवाल मच गया। जब प्रदर्शन कर रहे लोगों की पुलिस धक्का मुक्की हो गयी। आरोप है की पुलिस ने बेघर हुए 27 परिवार के लोगों पर लाठियां बरसाईं। इस दौरान कांग्रेस नेताओं को भी हिरासत में लिया गया। मामला राजधानी भोपाल पॉलीटेक्निक चौराहा स्थित मानस भवन के पास का है। जहां आदिवासी बस्ती हटाने की कार्रवाई के दौरान जमकर हंगामा हो गया। प्रशासन ने इलाके की घेराबंदी कर बैरिकेडिंग कर दी थी। जिससे आम लोगों की आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी गई।
हालात उस समय बिगड़ गए जब रहवासियों को पता चला कि उनके घरों को तोड़ा जा चुका है। इसके बाद पुलिस और लोगों के बीच धक्का-मुक्की हुई। जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को खदेड़ दिया। आरोप है की पुलिस ने महिलाओं को जबरन पकड़कर बसों में बैठाया। कई जगहों पर बल प्रयोग की भी बात सामने आई है। पॉलिटेक्निक चौराहे पर महिलाएं, बच्चे और पुरुष सड़क पर बैठकर विस्थापन और मुख्यमंत्री से मुलाकात की मांग को लेकर धरना देते रहे। इस दौरान महिलाएं अपने सामानों को देखकर रोती बिलखती नज़र आई। साथ ही ये आरोप लगाया की उनके घर का ताला तोड़कर सामान हटा दिया गया।
दरअसल प्रशासन द्वारा बस्ती हटाने की कार्रवाई शुरू होते ही विरोध तेज हो गया। रहवासियों ने सामूहिक रूप से घरों में ताला लगाकर विरोध जताया और अपने सामान की जिम्मेदारी पुलिस पर छोड़ दी। करीब 70 साल पुरानी इस बस्ती से 27 परिवारों को हटाकर भौंरी, कलखेड़ा और मालीखेड़ी में शिफ्ट किया जाना है।
कार्रवाई के विरोध में पूर्व मंत्री पीसी शर्मा, नगर निगम की नेता प्रतिपक्ष साबिस्ता जकी समेत कई कांग्रेस नेता मौके पर धरने पर बैठे थे। वहीं प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेता आसिफ जकी को पुलिस ने हिरासत में लिया। जबकि साबिस्ता जकी के साथ धक्का-मुक्की की गयी। इस दौरान इलाके को छावनी में तब्दील किया गया था। मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। प्रशासन के मुताबिक यह कार्रवाई नियमानुसार की जा रही है। विस्थापित परिवारों के पुनर्वास की व्यवस्था की गई है।