5 महीने की मासूम लड़ रही जंग, 15 करोड़ के इंजेक्शन के लिए सोनू सूद ने भी मिलाया हाथ
आपकी मदद की भी है ज़रूरत ...
बेटी पैदा हुई तो एक परिवार में खुशियां आई। नन्ही मासूम ने आँखें खोली और अभी ठीक से कुछ भी नहीं देखा। महज पांच महीने की ये मासूम बच्ची अब ज़िंदगी से संघर्ष कर रही है। उसे एक दुर्लभ जेनेटिक बीमारी है जिसके इलाज के लिए 15 करोड़ रूपये के इंजेक्शन की जरुरत है। एमपी के उज्जैन जिले की इस बेटी की मदद के लिए बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद खुद भी आगे आये हैं। साथ ही देश के लोगों से भी मदद की गुहार लगाई है।
5 महीने की मासूम काशी जिंदगी के बीच एक ऐसी जंग लड़ रही है, जिसकी कीमत करोड़ों में है। काशी को स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (SMA टाइप-1) नामक एक दुर्लभ जेनेटिक बीमारी हुई है। जिसके इलाज के लिए करीब 15 करोड़ रुपये के इंजेक्शन की जरूरत है। मध्यमवर्गीय परिवार के लिए यह राशि जुटाना असंभव है। इसलिए अब पूरे देश से मदद की अपील की गई है। इस मुहिम में बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद और उनकी संस्था भी आगे आई है। मासूम काशी उस बीमारी से जूझ रही है। जिसका इलाज दुनिया के सबसे महंगे इलाजों में शुमार है। परिजनों के मुताबिक जन्म के कुछ समय बाद ही बच्ची के हाथ-पैरों की हलचल कम होने लगी थी और उसे सांस लेने में भी तकलीफ होने लगी। भोपाल एम्स में हुई जांचों के बाद जब SMA टाइप-1 की पुष्टि हुई, तो परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई। इस बीमारी में शरीर की मांसपेशियां धीरे-धीरे काम करना बंद कर देती हैं। जो समय पर इलाज न मिलने पर जानलेवा हो सकता है।
परिजन राजेश सिसोदिया ने बताया कि मासूम काशी के इलाज के लिए चैरिटी के माध्यम से देश के आम लोगों से मदद मांगी जा रही है। इसी को लेकर मानवता की सेवा के लिए सोनू सूद की संस्था भी आगे आई है। उन्होंने बताया कि सोनू सूद की टीम ने परिवार को संबल प्रदान करते हुए हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया है। खुद अभिनेता सोनू सूद ने भी सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर देशवासियों से अपील की है कि वे इस नन्हीं जान को बचाने के लिए अपना हाथ बढ़ाएं। इस जानलेवा बीमारी का एकमात्र समाधान एक विशेष जीन थेरेपी इंजेक्शन है। जिसे विदेश से मंगवाना पड़ता है। इसकी कीमत लगभग 15 करोड़ रुपये है और यह दिल्ली एम्स में लगाया जाना है। बच्ची के माता-पिता डॉ. प्रकृति सिसोदिया और डॉ. रोहित दुबे ने अपनी बेटी को बचाने के लिए क्यूआर कोड और सोशल मीडिया के जरिए सहायता की गुहार लगाई है। राजेश सिसोदिया ने भावुक होकर कहा कि यह लड़ाई अब सिर्फ एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरी इंसानियत की है। अगर समाज का साथ मिला, तो 5 महीने की नन्ही काशी को एक नई जिंदगी मिल सकती है।