किराए पर वाहन लगवाने का झांसा देकर बेच देते थे गाड़ी,80 लाख की 5 कारें जप्त,एक गिरफ्तार SAGAR TV NEWS
चार पहिया वाहनों को किराए पर लगाने के बहाने एक गिरोह लोगों को झांसा देता, शुरू में बकायदा किराया भी दिया जाता। लेकिन कुछ समय उनकी गाड़ियों को सस्ते दामों में बेच दिया जाता था। सबसे ज्यादा निशाना ग्रामीण इलाके के लोगों को बनाया जाता था। जहां भोपाल पुलिस ने गाड़ियां हड़पकर बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। साथ ही 80 लाख रूपये कीमत की 5 कारें भी जब्त की हैं। अयोध्यानगर थाना पुलिस ने गिरोह के एक सदस्य को गिरफ्तार किया। जिसके कब्जे से पांच वाहन बरामद किये गए।
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक आरोपी टीकमगढ़, सागर और दमोह जैसे जिलों से लोगों की गाड़ियां किराए पर लेने के नाम पर भोपाल लाते थे। शुरुआत में वाहन मालिकों को भरोसा दिलाने के लिए एक-दो महीने किराया भी दिया जाता था। लेकिन इसके बाद भुगतान बंद कर दिया जाता। इसी दौरान आरोपी उन गाड़ियों को भोपाल में ही कम कीमत बताकर बेच देते और फरार हो जाते थे।
टीकमगढ़ निवासी फरियादी मनोज मिश्रा की शिकायत के बाद मामले का खुलासा हुआ। उन्होंने बताया कि आरोपी आलोक चौबे ने एयरपोर्ट पर गाड़ी लगवाने का झांसा देकर 45 हजार रुपए प्रतिमाह किराए का अनुबंध किया। 35 हजार रुपए जमानत के रूप में भी लिए। शुरुआत में एक महीने का किराया देने के बाद आरोपी ने भुगतान बंद कर दिया। जांच में सामने आया कि उसकी गाड़ी को बेच दिया गया है। थाना प्रभारी महेश लिल्हारे के नेतृत्व में टीम गठित कर जांच शुरू की गई।
पुलिस ने मुख्य आरोपी आलोक चौबे को गिरफ्तार कर सख्ती से पूछताछ की, जिसने अपने साथी नर्मदा और अरविंद मिश्रा के साथ मिलकर इस धोखाधड़ी को अंजाम देने की बात कबूल की। आरोपी की आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने पांच वाहन जब्त किए। पुलिस के मुताबिक गिरोह मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को निशाना बनाता था और सरकारी विभागों में वाहन लगाने का झांसा देकर उन्हें फंसाता था। मामले में अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस जांच में जुटी हुई है।