टॉपर बेटी बनी सरपंच, 97% लाने वाली प्राची ने संभाली पंचायत की कमान, दिया बदलाव का संदेश !
मध्य प्रदेश के सागर संभाग के टीकमगढ़ जिले से एक प्रेरणादायक पहल सामने आई है, जहां शिक्षा और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए 10वीं की टॉपर छात्रा को एक दिन का सरपंच बनाया गया। ग्राम पंचायत कुण्डेश्वर धाम में 97 प्रतिशत अंक हासिल करने वाली छात्रा प्राची अहिरवार को यह सम्मान दिया गया। यह जिले का पहला ऐसा मामला है, जब किसी बोर्ड टॉपर बेटी को इस तरह पंचायत की जिम्मेदारी सौंपी गई।
प्राची ने अपनी मेहनत और लगन से न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन किया है। खास बात यह है कि उन्होंने गणित जैसे कठिन विषय में 100 में से 100 अंक हासिल किए हैं।पंचायत भवन में आयोजित "सरपंच छात्रा सम्मान समारोह" में वर्तमान सरपंच रीना खटीक ने औपचारिक रूप से अपनी कुर्सी प्राची को सौंपी। इस दौरान गांव के जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। एक दिन की सरपंच के रूप में प्राची ने सक्रिय भूमिका निभाते हुए गांव में स्वच्छता अभियान की शुरुआत की। उन्होंने कचरा वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और ग्रामीणों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया। इसके साथ ही प्राची ने ग्रामीणों से संवाद कर शिक्षा के महत्व पर जोर दिया और अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि अगर बेटियों को अवसर मिले, तो वे समाज और देश में बड़ा बदलाव ला सकती हैं।
वर्तमान सरपंच रीना खटीक ने भी प्राची की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल गांव की अन्य बेटियों के लिए प्रेरणा बनेगी और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करेगी। यह अनूठी पहल न सिर्फ शिक्षा को बढ़ावा दे रही है, बल्कि समाज में बेटियों के प्रति सोच को भी सकारात्मक दिशा दे रही है। टीकमगढ़ की यह खबर एक मजबूत संदेश देती है—अगर मौका मिले, तो बेटियां नेतृत्व करने में भी पीछे नहीं हैं।