बारिश में भीग रहा किसानों का पसीना, खरीदी केंद्रों पर अव्यवस्था, खुले में पड़ा गेहूं खराब !
एमपी के सिवनी जिले में बदलते मौसम और आंधी-बारिश की आशंका ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। एक तरफ किसान अपनी मेहनत की फसल समर्थन मूल्य पर बेचने के लिए खरीदी केंद्रों तक पहुंच रहे हैं, तो दूसरी तरफ वहां की अव्यवस्थाएं उनकी मेहनत पर पानी फेर रही हैं। हाल ही में हुई बारिश के दौरान कुरई और केवलारी क्षेत्र के कई खरीदी केंद्रों पर खुले में रखा गेहूं भीग गया। पर्याप्त तिरपाल और सुरक्षित भंडारण की व्यवस्था नहीं होने के कारण किसानों की उपज को भारी नुकसान हुआ है।
यह स्थिति तब सामने आई है, जब प्रशासन जिले में 78 खरीदी केंद्रों पर व्यवस्थाएं दुरुस्त होने का दावा कर रहा है। आंकड़ों के मुताबिक अब तक 17 हजार से ज्यादा किसानों से 93 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा चुका है, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों से बिल्कुल अलग नजर आ रही है। किसानों का आरोप है कि स्लॉट बुकिंग के बावजूद उन्हें ट्रैक्टर-ट्रॉली के साथ एक से दो दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों के खरीदी केंद्रों में हालात और ज्यादा खराब हैं, जहां न तो छांव की व्यवस्था है और न ही अनाज को सुरक्षित रखने के पर्याप्त इंतजाम।
प्रशासनिक अधिकारी लगातार निरीक्षण कर रहे हैं, लेकिन सुधार की गति बेहद धीमी है। लखनादौन एसडीएम अर्जुन सिंह ठाकुर ने बम्होड़ी वेयरहाउस का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश दिए, वहीं अन्य अधिकारियों ने भी अलग-अलग केंद्रों पर जाकर स्थिति का जायजा लिया। इसके बावजूद सवाल यह है कि बार-बार निर्देशों के बाद भी हालात क्यों नहीं बदल रहे? किसानों का कहना है कि मौसम की मार और प्रशासनिक लापरवाही मिलकर उनकी मेहनत को बर्बाद कर रही है। अगर जल्द ही व्यवस्थाएं नहीं सुधरीं, तो किसानों का आक्रोश बढ़ सकता है। खरीदी केंद्रों की यह बदहाल स्थिति प्रशासनिक दावों की पोल खोलती नजर आ रही है।