80 हजार की रिश्वत लेते धरे गए शिक्षा विभाग के 3 कर्मचारी, जिला शिक्षा अधिकारी की भूमिका संदिग्ध !
सागर लोकायुक्त की टीम ने एक बड़ी कार्यवाई को अंजाम दिया। जिससे शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। टीम ने जिला शिक्षा विभाग के तीन कमर्चारियों को 80 हजार रूपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। दमोह जिले में की गयी इस कार्यवाई में जिला शिक्षा अधिकारी की भूमिका भी संदिग्ध नज़र आ रही है। बताया गया की शिक्षक से मनपसंद पोस्टिंग और विभागीय जांच खत्म करने रिश्वत की मांग की जा रही थी।
बताया जा रहा है की शिकायत के बाद कार्यवाही करते हुए लोकायुक्त सागर की टीम ने शिक्षा विभाग के तीन कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए पकड़ा है। आरोपियों को हिरासत में लेकर जबलपुर नाका चौकी ले जाकर कार्यवाही की गयी। एक निलंबित शिक्षक की विभागीय जांच समाप्त करने और उसकी मनपसंद स्थान पर पोस्टिंग करने के लिए रिश्वत की मांग की गई थी।
जानकारी के मुताबिक शिक्षक रवींद्र कुमार आठ्या पूर्व में निलंबित हुए थे। जिनका निलंबन आदेश रद्द कर उन्हें पोस्टिंग देने और विभागीय जांच समाप्त करने के लिए शिक्षक अनिल साहू के द्वारा शिक्षा विभाग में पदस्थ बाबू मनोज श्रीवास्तव और सहायक ग्रेड 3 नीरज सोनी के साथ मिलकर 1 लाख रुपए की रिश्वत की मांग की गई। बातचीत के बाद 80 हजार रुपए में सहमति बनी। इसको लेकर शिकायतकर्ता ने बीते 13 अप्रैल को लोकायुक्त सागर को शिकायत दर्ज कराई। जिसकी पुष्टि होने के बाद लोकायुक्त की टीम ने अपना जाल बिछाया और सोमवार रात आरोपियों ने भोपाल-दमोह रोड पर आवेदक से जैसे ही रिश्वत की राशि ली लोकायुक्त टीम ने उन्हें धर दबोचा। आरोपियों को हिरासत में लेकर जबलपुर नाका चौकी में कार्यवाही की गयी।
माना जा रहा है कि आरोपियों के बयानों के आधार पर अन्य लोगों को भी मामले में आरोपी बनाया जा सकता है। वहीं इस कार्यवाही में जिला शिक्षा अधिकारी की भूमिका भी संदिग्ध नजर आ रही है। फ़िलहाल लोकायुक्त आगे की जांच में जुटी हुई है।