MP बोर्ड का कारनामा जिस छात्रा को फेल किया वह 1st डिवीजन पास हुई, रीचेकिंग में आया नतीजा !
एमपी बोर्ड का एक हैरान और अजीब कारनामा सामने आया है जिससे एक छात्रा का भविष्य संकट में पड़ गया। दरअसल जब 12 वी कक्षा का रिजल्ट जारी हुए तो उसमें युवती को सप्लीमेंट्री बता दी गयी। नतीजा देखकर वह हैरान रह गयी। और डिप्रेशन का शिकार हो गयी। लेकिन जब उसी एक पेपर की रीचेकिंग करवाई गयी तो उसे 75 अंक मिले। जिससे अब वो फर्स्ट डिवीजन में पास हुई है। हैरान करने वाला ये मामला उज्जैन जिले के नागदा का है। किसी तरह अपनी बेटी को संभालने वाले माता-पिता का कहना है की वह अब मानहानि का नोटिस भेजेंगे।
बताया गया की नागदा नगर में भारत कॉमर्स स्कूल में पढ़ने वाली छात्रा एकता यादव जो 12 वी की छात्रा थी। उसने इस साल अपने फ़ाइनल एग्जाम दिए। सोशल साइंस में सिर्फ 11 नंबर दिए गए। परिणाम देखकर वह पूरी तरह से टूट गई और डिप्रेशन में आ गई। इससे एकता के माता-पिता काफी दुखी हो गए। उन्होंने अपनी बेटी को समझाया और स्कूल पहुंचे। वहां के प्रिंसिपल के.बी गुप्ता से मिलकर उन्होंने अपनी बेटी की रिचेकिंग करवाने की अपील करने लगे। हालात को देखते हुए स्कूल ने एकता की रिचेकिंग करवाने का फैसला लिया।
छात्रा के माता-पिता आर्थिक रूप से कमजोर हैं। पिता प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी कर गुजर बसर करते है। फिर भी अपनी बेटी के भविष्य के लिए और परीक्षा में दी गई कॉपी की रिचेकिंग करवाने का अहम फैसला लिया। जो काफी हद सही भी हुआ। छात्रा को रिचेकिंग में 75 नंबर आए। जिससे छात्रा फस्ट डिवीजन में परीक्षा पास कर पाई। नम आँखों से माता-पिता मीडिया के सामने आए।
उन्होंने बताया की हमने तो अपनी बेटी की कॉपी को रिचेक करवा लिया। कई लोग तो ये सब नहीं करवा पाते और कई बच्चे तो फेल होने के बाद डिप्रेशन में आकर घातक कदम भी उठा लेते हैं। एमपी बोर्ड की इतनी बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। अब एमपी बोर्ड को मानहानि का नोटिस भेजेंगे।
स्कूल के प्रिंसिपल के.बी गुप्ता ने बताया की छात्रा पढ़ने में बहुत होशियार है। जानते थे की वह फेल कभी नहीं हो सकती। एमपी बोर्ड की ओर से बड़ी लापहरवाही हुई है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।