सागर में खुशखबरी ! बाघिन N6 बनी मां, दुर्गावती टाइगर रिजर्व में 4 शावकों का जन्म
सागर से वन्यजीव प्रेमियों के लिए एक बेहद सुखद और गर्व की खबर सामने आई है। वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में पेंच से लाई गई बाघिन N6 ने चार शावकों को जन्म दिया है। यह घटना न सिर्फ रिजर्व बल्कि पूरे मध्यप्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
सोमवार सुबह गश्ती दल को जंगल में एक गुफा के बाहर बाघिन N6 अपने चारों शावकों के साथ नजर आई। इस दुर्लभ और खूबसूरत दृश्य को कैमरे में कैद भी किया गया। वन विभाग के अनुसार, बाघिन और उसके सभी शावक पूरी तरह स्वस्थ हैं और उनकी गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
बताया जा रहा है कि बाघिन N6 को करीब एक साल पहले पेंच टाइगर रिजर्व से रेस्क्यू कर यहां शिफ्ट किया गया था। यह उसका पहला प्रसव है, जिसे वन विभाग एक बड़ी सफलता के रूप में देख रहा है। यह इस बात का भी संकेत है कि दुर्गावती टाइगर रिजर्व का वातावरण बाघों के लिए अनुकूल और सुरक्षित है।
विशेषज्ञों के अनुसार, शावकों के जन्म के बाद शुरुआती दो साल उनके जीवन के लिए सबसे अहम होते हैं। इसी दौरान वे शिकार करना, खुद को सुरक्षित रखना और जंगल के माहौल में ढलना सीखते हैं। इसे देखते हुए वन विभाग ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।
रिजर्व क्षेत्र में ट्रैकर कैमरे लगाए गए हैं और वन अमला लगातार गश्त कर रहा है, ताकि किसी भी बाहरी खतरे को रोका जा सके। डिप्टी डायरेक्टर डॉ. रजनीश सिंह ने बताया कि रिजर्व में पर्याप्त शिकार और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध होने से बाघों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
चार नए शावकों के जन्म के साथ ही टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या 30 के पार पहुंच गई है, जो संरक्षण के सफल प्रयासों का प्रमाण है।
यह खबर न सिर्फ खुशी देती है, बल्कि यह भी बताती है कि अगर प्रयास सही दिशा में हों, तो प्रकृति खुद अपना संतुलन बना लेती है।