अस्पताल में कलेक्टर का छापा ! अव्यवस्थाओं पर फटकार, 3 महीने से सैलरी रुकी उजागर
एमपी के सागर संभाग के दमोह जिला अस्पताल एक बार फिर सुर्खियों में है, लेकिन इस बार वजह बनी है कलेक्टर का औचक निरीक्षण। बुधवार को नवागत कलेक्टर नारायण प्रताप यादव अचानक जिला अस्पताल पहुंच गए और पहुंचते ही व्यवस्थाओं की हकीकत सामने आने लगी।
निरीक्षण के दौरान अस्पताल की कई खामियां उजागर हुईं। कहीं साफ-सफाई की कमी, तो कहीं व्यवस्थाओं में लापरवाही साफ नजर आई। हालात देखकर कलेक्टर का गुस्सा भी फूट पड़ा और उन्होंने मौके पर ही सिविल सर्जन प्रहलाद पटेल को जमकर फटकार लगाई। कलेक्टर ने साफ शब्दों में कहा कि अस्पताल में आने वाले मरीजों को किसी भी तरह की असुविधा नहीं होनी चाहिए और व्यवस्थाओं को तुरंत दुरुस्त किया जाए।
इस दौरान एक चौंकाने वाला मामला भी सामने आया, जब एक गार्ड ने बताया कि उसे पिछले तीन महीनों से वेतन नहीं मिला है। यह सुनते ही कलेक्टर ने तत्काल संज्ञान लिया और संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों को फोन कर सैलरी जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की रोजी-रोटी से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कलेक्टर नारायण प्रताप यादव ने निरीक्षण के दौरान संभागीय स्तर के अधिकारियों से भी बातचीत की और जेडी को निर्देश दिए कि हर महीने कम से कम एक बार अस्पताल का निरीक्षण जरूर करें। साथ ही उन्होंने कहा कि सिर्फ कागजों में नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर व्यवस्थाओं को सुधारना जरूरी है।
उन्होंने यह भी कहा कि संभागीय अधिकारी समय-समय पर जिले का दौरा करें, ताकि अस्पताल की वास्तविक स्थिति से अवगत रह सकें और मिलकर व्यवस्थाओं को बेहतर बनाया जा सके।
कलेक्टर के इस सख्त रुख के बाद अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया है। अब देखना होगा कि इस कार्रवाई के बाद व्यवस्थाओं में कितना सुधार आता है।