CM मोहन यादव का औचक निरीक्षण! उपार्जन केंद्र पर पहुंचे, वेयरहाउस बढ़ाने का बड़ा फैसला
एमपी के उज्जैन से बड़ी खबर सामने आई है, जहां मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एक बार फिर एक्शन मोड में नजर आए। 5 मई को उन्होंने अचानक नागझिरी स्थित अडानी एग्रो साइलो गेहूं उपार्जन केंद्र का औचक निरीक्षण किया। सीएम के इस अचानक दौरे से प्रशासन में हड़कंप मच गया। मुख्यमंत्री ने मौके पर पहुंचकर उपार्जन केंद्र की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने तुलाई प्रक्रिया, किसानों की सुविधाएं, भंडारण व्यवस्था और भुगतान प्रणाली की बारीकी से समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने एक बड़ा फैसला लेते हुए वेयरहाउस की क्षमता बढ़ाने के आदेश भी जारी किए। उनका कहना है कि इससे बेमौसम बारिश के दौरान गेहूं को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी और किसानों को नुकसान से बचाया जा सकेगा। सीएम मोहन यादव ने कहा कि सरकार ने पहले ही गेहूं खरीदी के लिए स्लॉट बुकिंग की तारीख बढ़ाई है और पूरे प्रदेश में उपार्जन कार्य सुचारू रूप से चल रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि किसानों को सात दिन के भीतर भुगतान सुनिश्चित किया जा रहा है और तौल कांटों की संख्या भी बढ़ाई गई है, ताकि प्रक्रिया तेज और पारदर्शी बनी रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इस साल को ‘किसान कल्याण वर्ष’ के रूप में मना रही है और किसानों को हर संभव सुविधा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि अब तक प्रदेश में करीब 41 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया जा चुका है। सीएम ने किसानों से अपील की कि वे अपने नजदीकी केंद्रों पर जाकर उपज बेचें और किसी भी समस्या की स्थिति में जिला प्रशासन से संपर्क करें। मुख्यमंत्री के इस औचक निरीक्षण ने साफ कर दिया है कि सरकार किसानों की सुविधाओं को लेकर गंभीर है और जमीनी स्तर पर व्यवस्थाओं की निगरानी लगातार जारी है।