पुलिस बैंड में महिलाओं को मौका क्यों नहीं, कांग्रेस का तीखा सवाल, महिला सशक्तिकरण पर सियासी घमासान!
एमपी के भोपाल से एक बड़ी राजनीतिक खबर सामने आई है, जहां महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर कांग्रेस ने भाजपा सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सुश्री संगीता शर्मा ने आरोप लगाया है कि सरकार एक ओर महिलाओं के सशक्तिकरण की बात करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर उन्हें अवसर देने में नाकाम साबित हो रही है।
संगीता शर्मा ने विशेष रूप से पुलिस बैंड में महिलाओं को मौका न दिए जाने पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब महिलाएं आज हर क्षेत्र—अंतरिक्ष, सेना, खेल और कला—में देश का नाम रोशन कर रही हैं, तो फिर पुलिस बैंड जैसी सेवाओं में उन्हें शामिल क्यों नहीं किया जा रहा? यह सीधे तौर पर लैंगिक भेदभाव को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि समानता केवल नीतियों और भाषणों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसे हर भर्ती प्रक्रिया में लागू किया जाना जरूरी है। कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार महिला सशक्तिकरण के नाम पर सिर्फ दिखावटी घोषणाएं कर रही है, जबकि हकीकत इससे बिल्कुल अलग है।
संगीता शर्मा ने पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय महिला पुलिस बैंड के गठन और प्रशिक्षण की पहल की गई थी, जिसे भाजपा नेताओं ने मजाक में उड़ा दिया। जबकि यह पहल महिलाओं को रोजगार और पहचान देने की दिशा में अहम कदम थी।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या पुलिस बैंड में पुरुष आरक्षकों की नियुक्ति वास्तव में बैंड सेवा के लिए होती है, या फिर उन्हें बाद में अधिकारियों के निजी कार्यों में लगाया जाता है? उन्होंने इसे संसाधनों के दुरुपयोग और योग्य अभ्यर्थियों के साथ अन्याय बताया।
कांग्रेस ने मांग की है कि महिला पुलिस बैंड को तत्काल फिर से शुरू किया जाए और महिलाओं के लिए नए अवसर सृजित किए जाएं।
अब देखना होगा कि सरकार इन आरोपों पर क्या जवाब देती है और क्या वाकई महिला सशक्तिकरण को जमीन पर उतारने के लिए कोई ठोस कदम उठाए जाते हैं।