नारकीय जीवन जीने मजबूर लोग, इंसान और जानवर एक जगह से पी रहे पानी, कोई सुनने वाला नहीं !
सरकार कहती है की हर घर में पानी पहुंचाएंगे, लोगों को स्वच्छ पानी उपलब्ध कराएंगे लेकिन इस तरह के दावे अभी भी खोखले ही साबित हो रहे हैं। जी हाँ आज भी कई ऐसे लोग हैं जो गंदा और दूषित पानी पीने को मजबूर हैं सालों से यही आलम बना हुआ है लेकिन सुनने वाला कोई नहीं है। आपको नज़र आने वाली ये तस्वीरें एमपी के बालाघाट जिले की हैं। जहां हर घर जल योजना फेल साबित हुई है। आरोप है की लोग 30 सालों से गंदा पानी पी रहे हैं बताया गया की जिला मुख्यालय से 110 किलोमीटर दूरी पर मौजूद समरिया पंचायत के 100 परिवार आज भी पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
ग्रामीण अपनी प्यास बुझाने एक गंदे नाले के किनारे बनी झिरिया पर निर्भर हैं। जो उनके लिए पीने के पानी का मुख्य स्रोत बनी हुई है। ग्रामीणों की माने तो यह समस्या कोई नई नहीं है। बल्कि पिछले 30 सालों से वो इसी तरह दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। जिस नाले के पानी का उपयोग नहाने और कपड़े धोने के लिए किया जाता है। उसी के किनारे झिरिया बनाकर पीने का पानी इकट्ठा किया जाता है। हद तो ये है की इंसान और मवेशी एक ही जगह से पानी पीते नजर आते हैं।
ग्रामीणों का कहना है की गांव में सरकारी योजना के तहत पाइपलाइन बिछाई गई है। घरों में नल कनेक्शन भी दिए गए हैं। लेकिन आज तक उनमें पानी नहीं आया। गांव का एकमात्र हैंडपंप भी खराब पानी देता है। जो पीने योग्य नहीं है। इसके अलावा बताया की अब वे इस गंदे पानी के आदी हो चुके हैं। बीमार पड़ने के बावजूद उनके पास कोई विकल्प नहीं है। उन्होंने कई बार सीएम हेल्पलाइन, स्थानीय विधायक और जिला प्रशासन से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। देखने वाली बात होती है की अब प्रशासन क्या ठोस कार्यवाई करता है।------