मरीजों को ले जाने वाली एम्बुलेंस खुद बीमार,हाईवे पर छोड़ने लगी धुआं,मरीज होता तो क्या होता !
स्वास्थ्य सुविधाओं के क्या हाल हैं क्या स्थिति ये बात किसी से भी छिपी नहीं है। फिर एक बार प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो रहे हैं। दरअसल नेशनल हाईवे पर दौड़ रही एक एम्बुलेंस खुद बीमार नज़र आई और धुआं छोड़ने लगी। जिस वजह से हाईवे पर ही जाम की स्थिति बनने लगी। ऐसे में अगर कोई गंभीर मरीज एम्बुलेंस में होता तो क्या होता आप सोच ही सकते हैं। मामला एमपी के शहडोल जिले का है। बताया गया की बुढार हाईवे रुंगटा तिराहे पर धुआं उगलती एंबुलेंस के पहिया थम गए। उसके बीच सड़क पर खड़े होने से कुछ देर के लिए जाम की स्थिति बन गई। हालांकि गनीमत की बात ये है की उस वक़्त उसमें कोई मरीज नहीं था। नहीं तो हालात गंभीर हो सकते थे।
जानकारी के मुताबिक नेशनल हाईवे-43 पर अनूपपुर से शहडोल की ओर जा रही 108 एंबुलेंस अचानक बीच सड़क पर धुआं छोड़ने लगी। यह पूरी घटना बुढार क्षेत्र के रुंगटा तिराहे के पास की है। जहां एंबुलेंस में तकनीकी खराबी आ गई जिस वजह से हाईवे धुआं-धुआं भर गया।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना था की एंबुलेंस से अचानक तेज धुआं निकलने लगा। जिससे सड़क पर गुजर रहे वाहन चालकों में हड़कंप मच गया। आलम ये था की कुछ देर के लिए हाईवे पर यातायात प्रभावित हो गया और एहतियातन दो एंबुलेंस मौके पर खड़ी करनी पड़ीं।
इस घटना के बाद फिर एक बार 108 एंबुलेंस सेवाओं के मेंटेनेंस पर सवाल खड़े हो रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर समय-समय पर वाहनों की जांच और देखभाल न की जाए, तो इस तरह की घटनाएं गंभीर परिणाम ले सकती हैं। एम्बुलेंस में किसी मरीज के न होने से संभवतः एक घटना भी टल गयी।------