माता अबार मेले में बैठकी के नाम पर अवैध वसूली का आरोप! दुकानदार बोले धमकाकर वसूले हजारों रुपए
एमपी के सागर संभाग के छतरपुर जिले के घुवारा क्षेत्र में लगने वाले बुंदेलखंड के प्रसिद्ध माता अबार मेले में इस बार अवैध वसूली के गंभीर आरोप सामने आए हैं। मेले में दुकान लगाने पहुंचे व्यापारियों का आरोप है कि उनसे “बैठकी” के नाम पर जबरन हजारों रुपए वसूले गए। मामले को लेकर दुकानदारों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। रामटोरिया के पास हर साल जेष्ठ पूर्णिमा से शुरू होने वाला माता अबार मेला बुंदेलखंड का बड़ा धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन माना जाता है। करीब 10 से 15 दिन तक चलने वाले इस मेले में मध्यप्रदेश सहित कई राज्यों से दुकानदार, झूले, सर्कस और मनोरंजन से जुड़े कारोबारी पहुंचते हैं। लेकिन इस बार मेले की व्यवस्था विवादों में घिर गई है।
दुकानदारों का आरोप है कि इस बार उनसे 5 हजार से लेकर 15 हजार रुपए तक की “बैठकी” वसूली गई। व्यापारियों का कहना है कि पहले ही बेमौसम बारिश और आंधी-तूफान के कारण उन्हें भारी नुकसान झेलना पड़ा है, ऊपर से इस तरह की अवैध वसूली ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। शहडोल से आई दुकानदार कमला गुप्ता ने आरोप लगाया कि पैसे मांगने वालों ने उनके साथ अभद्रता की और विरोध करने पर मारपीट की धमकी दी। वहीं सतना के मैहर से आई बॉबी गुप्ता ने बताया कि इस बार मेले में पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं भी नहीं मिलीं, लेकिन जबरन हजारों रुपए वसूले गए। उन्होंने आरोप लगाया कि वसूली करने वाले लोग शराब के नशे में गाली-गलौज कर रहे थे।
मैहर निवासी दुकानदार विनोद गुप्ता ने कहा कि वे पिछले 25 वर्षों से मेले में दुकान लगा रहे हैं, लेकिन पहली बार उनसे जबरन 15 हजार रुपए लिए गए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यही हाल रहा तो आगे से व्यापारी मेले में आना बंद कर देंगे। मामले के बाद मेले की व्यवस्थाओं और कथित वसूली को लेकर जनपद पंचायत की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। वहीं अब मेले के संचालन के लिए स्थायी ट्रस्ट या समिति गठित करने की मांग तेज हो गई है।