केन-बेतवा विस्थापन का मुद्दा फिर गरमाया,आदिवासियों के साथ एसपी कार्यालय में धरने पर बैठे विधायक
फिर एक बार केन-बेतवा विस्थापन का मुद्दा गरमा गया है। अपनी जमीन, जल और जंगल के अस्तित्व को बचाने के लिए सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों ने एसपी कार्यालय के बाहर डेरा जमा लिया। झाबुआ विधायक और कांग्रेस नेता विक्रांत भूरिया खुद जमीन पर बैठकर आदिवासियों के हक की आवाज बुलंद कर रहे हैं। आपको नज़र आने वाला ये नज़ारा पन्ना जिले का है। जहां केन-बेतवा लिंक परियोजना और रुंझ परियोजना से विस्थापित हो रहे आदिवासी किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। इस दौरान प्रदर्शन करते हुए जमकर नारेबाजी की गयी।
दरअसल आंदोलनकारियों का मुख्य आक्रोश सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर और कई ग्रामीणों की देर रात हुई गिरफ्तारी को लेकर है। दिव्या आदिवासी का आरोप है कि पुलिस ने आधी रात को बिना महिला पुलिस बल के घरों में दबिश दी और महिलाओं के साथ बदसलूकी और मारपीट की। जिसके विरोध में भारी संख्या में ग्रामीण एसपी कार्यालय पहुंचे और धरना दिया।
आंदोलन में शामिल हुए झाबुआ विधायक विक्रांत भूरिया ने सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि विकास के नाम पर आदिवासियों को उजाड़ा जा रहा है लेकिन उन्हें न तो उचित मुआवजा मिल रहा है और न ही रहने के लिए जमीन। भारी पुलिस बल की मौजूदगी के बावजूद ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े हैं कि जब तक एसपी खुद आकर उनसे बात नहीं करतीं, धरना समाप्त नहीं होगा।विधायक विक्रांत भूरिया ने कहा कि जब भी अन्याय होगा, देश के किसी भी कोने में जाने को तैयार हूँ। अमित भाई और दिव्या जैसे लोग जो आदिवासियों के हक की लड़ाई लड़ रहे हैं, उन्हें जेल में डालना सरकार की एक सोची-समझी साजिश है।
रात के 3 बजे बिना महिला पुलिस के आदिवासियों के घरों में घुसकर मारपीट करना किस तरह का न्याय है। केन-बेतवा परियोजना के नाम पर 25 लाख पेड़ काटे जा रहे हैं और 7 हजार परिवारों को बेघर किया जा रहा है। किसान अपनी जमीन मांग रहा है अगर जमीन नहीं होगी तो किसान कैसा? यहाँ तब तक बैठे हैं जब तक एसपी मैडम आकर जवाब नहीं देतीं। उन्होंने कहा हमें अधिकार चाहिए, मुआवजा चाहिए और जमीन के बदले जमीन चाहिए। इसके अलावा प्रदर्शन कारियों की मांग है की गिरफ्तार किए गए सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर और अन्य ग्रामीणों की तत्काल रिहाई हो। विस्थापितों को जमीन के बदले जमीन और उचित मुआवजा मिले। रात में दबिश देने और बदसलूकी करने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हो। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था।