मोटे दाम पर ब्याज, क़र्ज़ के जाल में फंसाने वाला सूदखोर गिरफ्तार, 153 ब्लैंक चेक,जमीन के दस्तावेज बरामद
एक व्यक्ति लोगों को ऊंचे ब्याज पर रकम देता और उन्हें क़र्ज़ के जाल में फंसा लेता था। यह सूदखोर अब पुलिस के हत्थे चढ़ गया है। आरोप है की वह एटीएम और चेक कब्जे में रखकर लोगों का शोषण कर रहा था। उसके पास से 153 ब्लैंक चेक, स्टांप और जमीन के दस्तावेज बरामद किये हैं। एमपी के बालाघाट जिले के एसपी आदित्य मिश्रा ने इस पूरे मामले का खुलासा किया।
जिले के वारासिवनी में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक कथित सूदखोर को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर लोगों को ऊंचे ब्याज पर कर्ज देकर आर्थिक जाल में फंसाने, एटीएम कार्ड, कोरे चेक और जमीन के दस्तावेज अपने कब्जे में रखकर अवैध वसूली करने के गंभीर आरोप हैं। बताया गया की वारासिवनी थाना पुलिस को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि क्षेत्र में कुछ लोग जरूरतमंदों को ज्यादा ब्याज दर पर रकम उधार देकर उनका आर्थिक शोषण कर रहे हैं।
जांच के बाद पुलिस ने वार्ड नंबर 7 लालबर्रा रोड निवासी सुनील अरोरा को गिरफ्तार किया। आरोपी लोगों को 5 से 10 प्रतिशत तक ऊंचे ब्याज पर ऋण देता था और फिर उन्हें कर्ज के जाल में फंसा लेता था। जांच में सामने आया कि आरोपी ऋण देने के बदले पीड़ितों के एटीएम कार्ड और पासवर्ड, साइन ब्लैंक चेक, स्टांप पेपर, कोरे कागज और जमीन की रजिस्ट्री जैसे मूल दस्तावेज अपने कब्जे में रख लेता था। इसके बाद लोगों को डराकर और मानसिक दबाव बनाकर अवैध वसूली की जाती थी।
साथ ही यह भी खुलासा हुआ की आरोपी कब्जे में रखे गए चेक और स्टांप का इस्तेमाल कर पीड़ितों के खिलाफ चेक बाउंस जैसे मामलों में झूठे मुकदमे दर्ज करवाता था। सरकारी कर्मचारियों का एटीएम अपने पास रखकर जब तनख्वाह आती थी तो वह भी निकाल लेता था। प्रताड़ना के चलते कई लोग अपनी जमीन बेचने तक मजबूर हो गए। पुलिस ने बताया की आरोपी कम दामों में जमीन की रजिस्ट्री करवाकर रकम को ब्याज के नाम पर खुद रख लेता था।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कई धाराओं में मामला दर्ज किया है। मामले की जांच की जा रही है।------