करोड़ों रूपये की छात्रवृत्ति घोटाला उजागर,रिश्तेदारों के खातों में डाला पैसा, मुख्य आरोपी गिरफ्तार
करोड़ों रूपये की छात्रवृत्ति घोटाले का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस पूरे काम का मास्टरमाइंड एक चपरासी बताया जा रहा है जो DEO कार्यालय में ऑपरेटर के तौर पर काम कर रहा था। उस पर आरोप है की उसने सरकारी छात्रवृत्ति की राशि को फर्जी तरीके से अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर करोड़ों रुपए का गबन किया है। इंदौर में करोड़ों का छात्रवृत्ति घोटाला उजागर हुआ है। जहां मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। साथ ही 33 बैंक खाते फ्रीज किये गए हैं।
एमजी रोड थाना पुलिस ने मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी सिद्धार्थ जोशी को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है की जिला शिक्षा अधिकारी की शिकायत और विभागीय जांच के दौरान सामने आया कि कई लोगों ने मिलकर करीब 2 करोड़ 2 लाख रुपए की सरकारी राशि का गबन किया है। जांच में पता चला कि मुख्य आरोपी सिद्धार्थ जोशी खजराना क्षेत्र में भृत्य (चपरासी) के पद पर पदस्थ था और ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में ऑपरेटर के तौर पर काम कर रहा था। पुलिस का कहना है की आरोपी ने अधिकारियों की आईडी और पासवर्ड का गलत इस्तेमाल करते हुए छात्रवृत्ति की रकम अपने और परिवार के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी। जांच में सामने आया है कि आरोपी ने अपने खाते में करीब 1 करोड़ रुपए, पत्नी के खाते में 55 लाख रुपए और बेटे के खाते में करीब साढ़े आठ लाख रुपए जमा कराए। इसके अलावा रिश्तेदारों और अन्य लोगों के कई बैंक खातों का भी इस्तेमाल किया गया। पुलिस की माने तो यह फर्जीवाड़ा साल 2018 से लगातार चल रहा था। लेकिन भोपाल स्तर पर हुई वित्तीय जांच में संदिग्ध ट्रांजैक्शन सामने आने के बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ। अब तक पुलिस ने 13 आरोपियों की पहचान कर ली है साथ ही 33 बैंक खातों को फ्रीज किया गया है।
मुख्य आरोपी सिद्धार्थ जोशी पुलिस रिमांड पर है। पुलिस इस घोटाले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका और पैसों के लेनदेन की जांच में जुटी हुई है। आगे और भी खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है।-