इंटरनेशनल साइबर सिंडिकेट का भंडाफोड़,होटल से ऑपरेट हो रहा था नेटवर्क, 4 आरोपी गिरफ्तार SAGAR TV NEWS
इंटरनेशनल साइबर सिंडिकेट का भंडाफोड़ करने में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। इसमें सबसे बड़ी हैरानी की बात ये है की एमपी के इस मामले के तार सीधे पाकिस्तान से जुड़ रहे हैं। क्योंकि दुश्मन देश में बैठकर वह हैंडलर का काम कर रहा था। एमपी के ग्वालियर से सामने आये इस मामले में क्राइम ब्रांच ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जहां पुलिस ने एक आलीशान होटल में छापा मारकर ऑपरेट हो रहे नेटवर्क का खुलासा किया है। चारों आरोपियों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की जा रही है। चारों युवक नर्सिंग के छात्र हैं।
बताया जा रहा है की ग्वालियर की पॉश कॉलोनी कैलाश विहार का होटल एचजी के कमरों में साइबर ठगी का कंट्रोल रूम था। क्राइम ब्रांच पुलिस की टीम ने 4 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया। जो देश भर में हो रही साइबर ठगी के पैसे को ठिकाने लगाते थे। इन ठगों का सरगना पाकिस्तान में बैठा एक हैंडलर है। आरोपियों ने अपने मोबाइल में उसका नंबर बड़े भैया के नाम से सेव कर रखा था। जिसके इशारे पर हिंदुस्तान का पैसा सरहद पार भेजने की साजिश रची जा रही थी। पकड़े गए आरोपियों में एक धौलपुर, एक मुरैना और दो ग्वालियर के ही रहने वाले हैं। इनके पास से सैकड़ों एटीएम कार्ड और बैंक पासबुक बरामद हुई हैं। ये म्यूल अकाउंट्स यानी दूसरों के नाम पर खुलवाए गए खातों के जरिए करोड़ों की हेराफेरी कर रहे थे।
एडिशनल एसपी धर्मवीर सिंह के मुताबिक मुखबिर से सूचना मिल रही थी कि नामी एचजी होटल के एक कमरे में ठहरे युवकों की गतिविधियां संदिग्ध हैं। जिसके आधार पर क्राइम ब्रांच पुलिस की टीम ने योजना के तहत होटल के कमरे में दबिश दी और मौके से 4 युवकों को हिरासत में लिया। शुरुआती पूछताछ में सभी ने साइबर ठगी में शामिल होने की बात कबूल की। पुलिस इस पूरे मामले की जड़ तक जाने की बात कर रही है। कई और अहम खुलासे होने की उम्मीद है। बताया गया की आरोपियों के मोबाइल में पाकिस्तान के कंट्री कोड +92 वाले नंबरों से लगातार वॉट्सएप कॉल और मैसेज आ रहे थे। पाकिस्तान में बैठा उनका आका उन्हें लगातार निर्देश दे रहा था कि ठगी की रकम किस खाते में मंगानी है और आगे किस खाते में ट्रांसफर करनी है।
चारों एंजेंट नर्सिंग के छात्र हैं। जो पढ़ाई के दौरान आपस में जुड़े थे। जो धौलपुर निवासी सौरभ श्रीवास के जरिए इस रैकेट में आए। गिरोह का मास्टर माइंड अभी फरार है। पकड़े गए आरोपियों में अंकित गुर्जर, सौरभ श्रीवास, अजय शर्मा, सौरव सेजवार शामिल हैं। फ़िलहाल पुलिस की जाँच जारी है।