CM मोहन यादव ने दो मादा चीतों को जंगल में छोड़ा, कूनो में दौड़ी चीता प्रोजेक्ट की नई रफ्तार !
मध्यप्रदेश के श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क से एक बार फिर खुशखबरी सामने आई है। देश के महत्वाकांक्षी ‘प्रोजेक्ट चीता’ को नई रफ्तार मिल गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज कूनो नेशनल पार्क के क्वारंटीन बाड़े से दो मादा चीतों को खुले जंगल में मुक्त किया। बोत्सवाना से लाए गए इन चीतों ने क्वारंटीन और अनुकूलन प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी कर ली थी। इसके बाद अब इन्हें कूनो के विशाल जंगलों में स्वतंत्र रूप से विचरण के लिए छोड़ दिया गया है।
कूनो नेशनल पार्क में जैसे ही दोनों मादा चीते खुले जंगल की ओर बढ़े, वहां मौजूद अधिकारियों और वन्यजीव प्रेमियों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस मौके पर कहा कि पालपुर कूनो का ‘चीता प्रोजेक्ट’ लगातार सफलता के नए आयाम स्थापित कर रहा है और यह मध्यप्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व की बात है। गौरतलब है कि बोत्सवाना से कुल 8 चीते भारत लाए गए थे, जिन्हें चरणबद्ध तरीके से कूनो में बसाया जा रहा है। विशेषज्ञों की निगरानी में इन चीतों को पहले क्वारंटीन में रखा गया, ताकि वे यहां के वातावरण और जंगल की परिस्थितियों के अनुकूल हो सकें।
वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, दोनों मादा चीतों की स्वास्थ्य स्थिति पूरी तरह सामान्य है और अब वे प्राकृतिक वातावरण में शिकार और स्वतंत्र जीवन के लिए तैयार हैं। प्रोजेक्ट चीता को भारत में वन्यजीव संरक्षण की दिशा में ऐतिहासिक पहल माना जा रहा है। दशकों बाद देश की धरती पर चीतों की वापसी ने वन्यजीव प्रेमियों में नई उम्मीद जगाई है। कूनो में चीतों की बढ़ती संख्या और उनका सफल अनुकूलन इस परियोजना की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि खुले जंगल में ये चीते किस तरह नए वातावरण में अपना जीवन आगे बढ़ाते हैं।