गेहूं खरीदी केंद्र में बड़ा खेल? बिना ग्रेडिंग हो रही खरीदी, किसानों से ज्यादा तौल लेने के आरोप
एमपी के सागर संभाग के छतरपुर जिले के बक्सवाहा स्थित सेवा सहकारी समिति मर्यादित के गेहूं खरीदी केंद्र पर भारी अनियमितताओं के आरोप लग रहे हैं। किसानों का कहना है कि केंद्र पर बिना सही ग्रेडिंग के गेहूं खरीदा जा रहा है और तौल में भी गड़बड़ी की जा रही है। मामले को लेकर अब सवाल सरकारी खरीदी व्यवस्था पर उठने लगे हैं।
जानकारी के मुताबिक, सेवा सहकारी समिति मर्यादित बक्सवाहा में अब तक करीब 15 हजार क्विंटल गेहूं की खरीदी हो चुकी है। लेकिन खरीदी प्रक्रिया को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। आरोप है कि किसानों के गेहूं की गुणवत्ता जांच केवल औपचारिकता बनकर रह गई है और बिना समुचित ग्रेडिंग के ही उपार्जन किया जा रहा है।
किसानों का कहना है कि खरीदी केंद्र पर बोरियों से सीधे सरकारी बारदानों में गेहूं भरा जा रहा है और प्रतिदिन हजारों क्विंटल गेहूं की खरीदी की जा रही है। वहीं सबसे बड़ा आरोप यह है कि प्रति क्विंटल लगभग 2 किलो अतिरिक्त गेहूं किसानों से लिया जा रहा है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
खरीदी केंद्र की अव्यवस्थाओं ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। बताया जा रहा है कि मंडी सर्वेयर और समिति प्रबंधक अधिकांश समय केंद्र पर मौजूद नहीं रहते, जिसके कारण पूरी व्यवस्था भगवान भरोसे चल रही है। जिम्मेदार अधिकारियों की गैरमौजूदगी में दलालों की सक्रियता भी चर्चा का विषय बनी हुई है।
मामले में समिति प्रबंधक और मंडी सर्वेयर एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते नजर आ रहे हैं। हालांकि अब तक किसी भी स्तर पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। किसानों का कहना है कि यदि जल्द व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
फिलहाल गेहूं खरीदी केंद्र की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवालों ने प्रशासन की कार्यशैली को कटघरे में खड़ा कर दिया है। अब देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इन आरोपों की निष्पक्ष जांच कर क्या कार्रवाई करते हैं।