ई-रिक्शा में सादगी, पीछे 400 गाड़ियों का काफिला! BJP नेताओं की एंट्री पर उठे सवाल
मध्यप्रदेश के भोपाल बीजेपी कार्यालय में मंगलवार को एक ऐसी तस्वीर देखने को मिली, जिसने सियासी गलियारों में नई बहस छेड़ दी। एक तरफ बीजेपी नेता ई-रिक्शा में बैठकर “सादगी” और “पर्यावरण संरक्षण” का संदेश देते नजर आए… लेकिन दूसरी तरफ उनके पीछे चल रहे सैकड़ों वाहनों के काफिले ने इस पूरे कार्यक्रम पर सवाल खड़े कर दिए। दरअसल, लघु उद्योग निगम के अध्यक्ष सतेंद्र सिंह भूषण और खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के उपाध्यक्ष राजेंद्र जादौन पदभार ग्रहण करने बीजेपी कार्यालय पहुंचे। खास बात ये रही कि दोनों नेता ई-रिक्शा से कार्यालय पहुंचे। बीजेपी नेताओं ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “पेट्रोल बचाओ और पर्यावरण संरक्षण” संदेश से जोड़ते हुए सादगी का प्रतीक बताया।
लेकिन कार्यक्रम में मौजूद कुछ कार्यकर्ताओं का दावा है कि नेताओं के साथ 400 से 500 गाड़ियों का लंबा काफिला भी मौजूद था। आरोप है कि नेता सिर्फ 7 नंबर चौराहे से बीजेपी कार्यालय तक ई-रिक्शा में बैठे, जबकि उससे पहले और बाद में बड़ी संख्या में SUVs और लग्जरी गाड़ियां काफिले में शामिल रहीं। कार्यकर्ताओं के मुताबिक पहले करीब 200 गाड़ियां कार्यालय पहुंचीं और उसके बाद लगातार वाहन आते रहे। अब इस पूरे घटनाक्रम को लेकर विपक्ष भी हमलावर हो गया है और सोशल मीडिया पर लोग सवाल पूछ रहे हैं कि क्या यह सच में पर्यावरण बचाने की पहल थी… या फिर सिर्फ कैमरों के सामने सादगी दिखाने की कोशिश? एक तरफ देश में पेट्रोल-डीजल बचाने और प्रदूषण कम करने की बात हो रही है… लेकिन नेताओं के भारी-भरकम काफिले क्या उस संदेश को कमजोर कर रहे हैं? यही सवाल अब भोपाल की राजनीति में चर्चा का बड़ा मुद्दा बन चुका है।