सागर- भगवान समय नहीं, भाव देखते हैं, बीना में जया किशोरी की कथा में उमड़ा आस्था का सैलाब
सागर जिले के बीना में इन दिनों भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है, जहां सुप्रसिद्ध कथा वाचिका सुश्री जया किशोरी की श्रीमद्भागवत कथा में हजारों श्रद्धालु धर्मलाभ लेने पहुंच रहे हैं। कथा के तृतीय दिवस पर पूरा पंडाल भक्ति रस में डूबा नजर आया और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सोमवार देर शाम कथा के दौरान जया किशोरी ने अपने मधुर प्रवचनों से श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। उन्होंने कहा कि ईश्वर को पाने के लिए कठिन तपस्या या बड़े अनुष्ठानों की आवश्यकता नहीं होती, बल्कि सच्चे मन का भाव, प्रेम और समर्पण ही भगवान तक पहुंचने का सबसे सरल मार्ग है।
उन्होंने कहा कि आज का मनुष्य भौतिक सुखों की दौड़ में इतना व्यस्त हो गया है कि उसने अपने भीतर की शांति खो दी है। यदि व्यक्ति प्रतिदिन कुछ समय भक्ति, सत्संग और सेवा के लिए निकाल ले, तो जीवन की कई परेशानियां स्वतः समाप्त होने लगती हैं। कथा में भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, भक्तों के प्रति उनके प्रेम और धर्म के महत्व का अत्यंत मार्मिक वर्णन किया गया। कथा सुनते समय कई श्रद्धालु भावुक हो उठे और पूरा माहौल भक्तिमय हो गया।
जया किशोरी ने कहा कि जहां प्रेम होता है, वहां भगवान स्वयं निवास करते हैं। मन में अहंकार, द्वेष और ईर्ष्या रखकर कोई भी व्यक्ति सच्ची भक्ति नहीं कर सकता। सेवा, करुणा और विनम्रता ही भगवान को पाने का सच्चा मार्ग है। कथा के तृतीय दिवस पर सागर विधायक शैलेन्द्र जैन, भाजपा जिलाध्यक्ष श्याम तिवारी, शहडोल संभाग प्रभारी गौरव सिरोठिया और युवा नेता अविराज सिंह भी विशेष रूप से कथा स्थल पहुंचे। सभी अतिथियों ने व्यासपीठ का पूजन-अर्चन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। बीना में चल रही यह कथा अब केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि लोगों के लिए आत्मिक शांति और संस्कारों का महापर्व बन चुकी है।