टाइगर रिजर्व के कोर जोन में पहुंचे जीतू पटवारी, 40 समर्थकों पर कार्रवाई की तैयारी
मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी की पन्ना टाइगर रिजर्व के कोर जोन में बिना अनुमति एंट्री अब बड़ा विवाद बनती नजर आ रही है। पन्ना टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जीतू पटवारी सहित करीब 40 लोगों पर कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक जीतू पटवारी अपने समर्थकों के साथ केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित विस्थापितों से मिलने ढोढन डेम क्षेत्र पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि यह इलाका पन्ना टाइगर रिजर्व के कोर जोन में आता है, जहां बिना पूर्व अनुमति प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित है।
मामले की जानकारी सामने आते ही टाइगर रिजर्व प्रबंधन सक्रिय हो गया। पन्ना टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर वीरेंद्र पटेल ने संबंधित अधिकारियों को जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
सूत्रों के अनुसार जीतू पटवारी और उनके साथ मौजूद करीब 40 समर्थकों के खिलाफ पीओआर यानी प्रोटेक्शन ऑफेंस रिपोर्ट दर्ज करने की तैयारी चल रही है। वन विभाग वीडियो और फोटो के आधार पर सभी लोगों की पहचान करने में जुटा है, जिन्होंने कथित तौर पर बिना अनुमति कोर जोन में प्रवेश किया।
वहीं पन्ना टाइगर रिजर्व के असिस्टेंट डायरेक्टर देवेंद्र अहिरवार ने बताया कि वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वीडियो और फोटोग्राफिक साक्ष्यों के आधार पर लोगों की पहचान की जा रही है और देर रात तक सभी आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किए जाने की संभावना है।
इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस इसे विस्थापितों की समस्याएं जानने का दौरा बता रही है, जबकि वन विभाग नियमों के उल्लंघन को गंभीर मामला मान रहा है।
अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि वन विभाग की कार्रवाई कितनी आगे बढ़ती है और इस मामले का राजनीतिक असर क्या देखने को मिलता है।