RTI मामले में विवाद, 1.66 लाख लेकर कार्यालय पहुंचे वकील की DPO से कहासुनी, हुई तीखी बहस !
सूचना का अधिकार यानी RTI के मामले को लेकर अधिकारी और अधिवक्ता में विवाद हो गया। जब अधिवक्ता एक लाख 66 हजार रूपये लेकर पहुंचे तो मामला गरमा गया जहां गुस्साए DPO बोले की लो मेरा कॉलर पकड़ लो। इस बहसबाजी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। मामला एमपी के दतिया जिले का है। जहां महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यालय में अचानक विवाद होने से अफरा-तफरी मच गई। इस विवाद की वजह अधिवक्ता शंभू गोस्वामी द्वारा दायर की गई एक RTI बताई जा रही है।
उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और विभाग में व्याप्त कथित अनियमितताओं की शिकायत करते हुए विस्तृत जानकारी मांगी। विभाग ने जानकारी देने से मना तो नहीं किया। लेकिन इसके बदले में जो शर्त रखी, उसने सबको हैरान कर दिया। विभाग ने इन दस्तावेजों की फोटो कॉपी और अन्य शुल्कों के नाम पर 1 लाख 66 हजार रुपए जमा करने का नोटिस वकील को थमा दिया। अधिवक्ता की माने तो विभाग ने जानबूझकर इतनी बड़ी राशि की मांग की ताकि वह आर्थिक बोझ के डर से पीछे हट जाएं और विभाग के भ्रष्टाचार की फाइलें न खुलें। नोटिस में यह भी स्पष्ट नहीं किया गया था कि यह राशि किस मद में या किस चालान के जरिए जमा करनी है।
वकील शंभू गोस्वामी 1 लाख 66 हजार रुपए लेकर सीधे DPO कार्यालय पहुंचे। उन्होंने कर्मचारियों से कहा कि वे यह राशि जमा करें और मांगी गई जानकारी तुरंत उपलब्ध कराएं। सरकारी नियमों और सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए कर्मचारियों ने नकद राशि लेने से इनकार कर दिया। तो DPO ने दस्तावेजों का अवलोकन कराने से भी मना कर दिया। इसी पर दोनों में बहसबाजी शुरू हो गयी। इस दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी DPO अरविंद उपाध्याय अचानक अपनी कुर्सी से खड़े होकर वकील के नजदीक आकर अपना कॉलर आगे कर देते हैं। अधिवक्ता का कहना है कि अधिकारी ने यह व्यवहार उन्हें उकसाने और मामले को भटकाने के लिए किया। साथ ही आरोप लगाया कि DPO अपनी कमियों और विभाग के भ्रष्टाचार को छिपाने अनुचित व्यवहार और अभद्रता का सहारा ले रहे हैं। फ़िलहाल देखने वाली बात होती है की मामले में क्या कार्यवाई की जाती है।------