किसानों को मूंग के लिए नहीं मिल रहा पानी, किसानों ने शुरू किया धरना प्रदर्शन,लगाए कई आरोप !
कई किसानों के सामने मूंग की फसल सूखने के ख़तरा मंडरा रहा है। किसानों का आरोप है की उन्हें समय पर पानी उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। जिस वजह से मूंग की फाल सूखने की कगार पर पहुँच गयी है। इसी को लेकर किसानों ने अब अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। साथ ही सिंचाई विभाग पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। मामला हरदा जिले से सामने आया है।
बताया जा रहा है की माचक नहर टेल क्षेत्र में किसानों को ग्रीष्मकालीन मूंग फसल के लिए पानी नहीं मिल पा रहा है जिस वजह से किसानों में आक्रोश पनप रहा है। पानी की समस्या को लेकर सारसूद, बावड़ियां, जूनापानी, पड़वा, तारापुर, पहेट, छीपाबड़ के किसान धरना प्रदर्शन कर रहे हैं किसानों का कहना है की सिंचाई विभाग की लापरवाही के कारण किसानों की मूंग फसल सूखने की कगार पर है। किसान परेशान हैं लेकिन फिर भी प्रशासन को कोई फर्क नहीं पड़ रहा है सिंचाई विभाग द्वारा 36 घंटे की और ओसराबंदी यानि सिंचाई के लिए नहरों से पानी वितरण की एक नियोजित प्रणाली है लागू की गई थी।
जो सतत चल रही है लेकिन कुछ दिनों से 36 घंटे की ओसराबंदी में भी क्षेत्र के इन गांव में पानी नहीं पहुंच पा रहा है जिससे आक्रोशित किसानों ने 14 मई से अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू किया। जिसमें सभी किसान आंदोलन कर रहे हैं भीषण गर्मी में किसान धरने पर बैठे हैं लेकिन सिंचाई विभाग और प्रशासनिक अधिकारी धरना स्थल पर नहीं पहुंचे।
आरोप है की सिंचाई विभाग की अधिकारी गैर जिम्मेदाराना बयान दे रही हैं उनके द्वारा बताया जा रहा है कि जिस क्षेत्र में किसान धरने पर बैठे हैं वह हमारे कमांड क्षेत्र में नहीं आता है जबकि पिछले 4 सैलून से किसान ग्रीष्मकालीन मूंग फसल की बोनी करते आ रहा है और नहर की बिलिंग भी कर रहा है इस तरह के बयान आना अपनी जिम्मेदारी से पीछे हटने जैसा लगता है।