सागर-9 व्यापारियों पर जुर्माना, रात 10 बजे सड़क पर उतरे निगमायुक्त! सागर को नंबर-1 बनाने स्वच्छता पर सख्त एक्शन
सागर शहर को स्वच्छता में नंबर-1 बनाने के लिए नगर निगम अब पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है। गुरुवार रात निगमायुक्त और सागर स्मार्ट सिटी के कार्यकारी निदेशक राजकुमार खत्री खुद सफाई व्यवस्था का जायजा लेने सड़क पर उतर आए। रात करीब 10 बजे उन्होंने कटरा बाजार और तीनबत्ती क्षेत्र का औचक निरीक्षण किया, जहां गंदगी फैलाने वाले व्यापारियों पर तत्काल जुर्माने की कार्रवाई की गई। निगमायुक्त ने साफ कहा कि स्वच्छ सर्वेक्षण को देखते हुए स्वच्छता का एक भी पहलू नहीं छूटना चाहिए। उन्होंने कहा कि निगमकर्मी हों या आम नागरिक, सभी का एक ही लक्ष्य होना चाहिए—“सागर को स्वच्छता में नंबर-1 बनाना है।”
निरीक्षण के दौरान निगमायुक्त ने म्युनिसिपल स्कूल के आसपास लगी खानपान की दुकानों, चाट ठेलों, गन्ने के रस और आइसक्रीम विक्रेताओं की व्यवस्था देखी। कई दुकानों के आसपास गंदगी मिलने पर उन्होंने दुकानदारों से मौके पर ही सफाई कराई और कचरा डस्टबिन में डलवाया। इस दौरान कुल 9 व्यापारियों पर 6500 रुपए का जुर्माना लगाया गया। निगमायुक्त ने दुकानदारों को सख्त हिदायत दी कि ग्राहक उपयोग के बाद दोना, ग्लास और अन्य कचरा सड़क पर न फेंकें, बल्कि डस्टबिन में डालें।
सबसे खास बात रही “कचरा खुद बोलेगा मैं किसका हूं” अभियान। निगमायुक्त ने बंद दुकानों के सामने पड़े कचरे को खुद उठाकर उसकी पहचान कराई और संबंधित लोगों पर कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि कचरा गाड़ी देर से पहुंचे तो व्यापारी कचरा सड़क पर न फेंकें, बल्कि डस्टबिन में सुरक्षित रखें। साथ ही बाजारों में रोड स्वीपिंग और सफाई व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान निगमायुक्त ने आम नागरिकों और बच्चों से भी स्वच्छता को लेकर संवाद किया और लोगों की जागरूकता की सराहना की। उन्होंने साफ कहा कि शहर में स्वच्छता बनाए रखने में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।