सागर- सड़क हादसे में घायल शिक्षकों को समय पर पहुंचाया अस्पताल, डायल-112 बनी जीवनरक्षक!
सागर जिले में एक बार फिर डायल-112 सेवा लोगों के लिए जीवनरक्षक साबित हुई। बंडा क्षेत्र के क्वायल ब्रिज के पास हुए सड़क हादसे में पुलिस कंट्रोल रूम की त्वरित कार्रवाई और एफआरबी स्टाफ की सतर्कता से घायल शिक्षकों की जान बचाई जा सकी। समय रहते घायलों को अस्पताल पहुंचाकर उनका उपचार शुरू कराया गया, जिसकी स्थानीय लोग जमकर सराहना कर रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, गुरुवार को क्वायल ब्रिज के पास एक मोटरसाइकिल अचानक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। हादसा इतना भीषण था कि बाइक सवार सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस कंट्रोल रूम सक्रिय हुआ और तत्काल एफआरबी क्रमांक-10 को मौके के लिए रवाना किया गया।
मौके पर पहुंची पुलिस टीम को कॉलर ने बताया कि सभी लोग अपने गांव से बंडा की ओर एक शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे, तभी यह हादसा हो गया। दुर्घटना में मोटरसाइकिल चालक कमल सिंह गौड़, उम्र 39 वर्ष, निवासी ग्राम बमनोरा, जो पेशे से शिक्षक हैं, गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके सिर से लेकर पैरों तक कई जगह गंभीर चोटें आई थीं और लगातार खून बह रहा था। वहीं दूसरे घायल मनोज साहू को भी चोटें आईं। एफआरबी स्टाफ ने बिना समय गंवाए दोनों घायलों को तुरंत एफआरबी वाहन से बंडा अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू किया। पुलिस ने घायलों के परिजनों को भी तुरंत सूचना दी, जिससे वे समय पर अस्पताल पहुंच सके।
बताया जा रहा है कि दुर्घटनाग्रस्त मोटरसाइकिल नई थी, इसलिए उसका रजिस्ट्रेशन नंबर उपलब्ध नहीं हो सका। बाद में बाइक परिजनों को सौंप दी गई। इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन में एफआरबी क्रमांक-10 में तैनात आरक्षक सोवरन यादव और पायलट सोनी सिंह लोधी की अहम भूमिका रही। पुलिस की संवेदनशीलता, तत्परता और मानवीय व्यवहार की स्थानीय लोग लगातार प्रशंसा कर रहे हैं।