पूर्व विधायक ने खोली अव्यवस्थाओं की पोल, नागदा अस्पताल में बिजली संकट पर फूटा गुस्सा SAGAR TV NEWS
एमपी के उज्जैन जिले के नागदा के सरकारी अस्पताल में बिजली कटौती और बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर बड़ा हंगामा खड़ा हो गया है। पूर्व भाजपा विधायक दिलीप सिंह शेखावत ने अस्पताल पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए। भीषण गर्मी के बीच मरीजों को हो रही परेशानी को लेकर उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को जमकर फटकार लगाई।
शुक्रवार को पूर्व विधायक दिलीप सिंह शेखावत भाजपा पार्षदों के साथ नागदा के सिविल अस्पताल पहुंचे। यहां उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। लगातार बिजली कटौती के कारण मरीजों, उनके परिजनों और अस्पताल स्टाफ को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
शेखावत ने आरोप लगाया कि बिजली कंपनी द्वारा मेंटेनेंस के नाम पर घंटों बिजली बंद रखी गई, लेकिन अस्पताल प्रशासन मरीजों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था तक नहीं कर पाया।
निरीक्षण के दौरान बीएमओ डॉ. शिवराज कौशल ने बताया कि अस्पताल में किराए के जनरेटर की व्यवस्था की गई थी। इस पर पूर्व विधायक ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब बिजली कटौती का शेड्यूल पहले से तय था तो मरीजों को तीन दिन तक परेशान क्यों होना पड़ा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के गृह जिले में सरकारी अस्पताल की ऐसी स्थिति बेहद चिंताजनक है।
पूर्व विधायक ने अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिए कि जल्द रोगी कल्याण समिति की बैठक बुलाकर जरूरी संसाधनों की व्यवस्था की जाए। उन्होंने साफ कहा कि मरीजों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं होगी।
निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर में कई पंखे स्टोर रूम से निकालकर दुरुस्त किए जाते दिखाई दिए। इस पर भी सवाल उठे कि भीषण गर्मी के बावजूद पंखे पहले से चालू हालत में क्यों नहीं थे।
इसके बाद दिलीप सिंह शेखावत एसडीएम रंजना पाटीदार से मिले और अस्पताल की व्यवस्थाएं सुधारने की मांग की। वहीं जनता ने भी क्षेत्र की बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर जनप्रतिनिधियों पर सवाल उठाए हैं।