मेडिकल स्टोर्स-नर्सिंग होम में हड़कंप, कई दुकानदार शटर गिराकर भागे, ड्र ग विभाग का बड़ा छापा!
एमपी के रीवा जिले में फूड एंड ड्रग डिपार्टमेंट की बड़ी कार्रवाई से मेडिकल कारोबारियों में हड़कंप मच गया। मुख्यालय के निर्देश पर ड्रग इंस्पेक्टरों की टीम ने शहर और ग्रामीण इलाकों में नर्सिंग होम और मेडिकल स्टोर्स पर अचानक छापेमार कार्रवाई की। इस दौरान एनडीपीएस कैटेगरी की दवाओं से लेकर खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड तक की बारीकी से जांच की गई। कार्रवाई की खबर लगते ही कई मेडिकल स्टोर संचालकों ने दुकान के शटर गिरा दिए और मौके से गायब हो गए। जानकारी के अनुसार, फूड एंड ड्रग विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ मेडिकल स्टोर्स में बिना डॉक्टर की पर्ची के नशे में इस्तेमाल होने वाली दवाइयां बेची जा रही हैं। साथ ही कई दुकानों पर दवाओं की कीमतों में भी मनमानी की जा रही थी।
इसी को लेकर मुख्यालय ने सख्त निर्देश जारी किए, जिसके बाद ड्रग इंस्पेक्टरों की टीम ने जिलेभर में औचक निरीक्षण शुरू किया। टीम ने नर्सिंग होम और केमिस्ट शॉप में दवाओं के क्रय-विक्रय रजिस्टर, स्टॉक रिकॉर्ड, बिलिंग दस्तावेज और फार्मासिस्ट की उपस्थिति की जांच की। जांच के दौरान कई दुकानों में दस्तावेजों में गड़बड़ी और रिकॉर्ड संधारण में अनियमितताएं सामने आईं। भगवती नर्सिंग होम समेत कई मेडिकल स्टोर्स में दवाओं के रिकॉर्ड सही तरीके से मेंटेन नहीं पाए गए।
ड्रग इंस्पेक्टर राधेश्याम भट्टी ने बताया कि जांच के दौरान मिली अनियमितताओं को विभागीय नोटशीट में दर्ज किया गया है। सभी दस्तावेजों को सीलबंद कर मुख्यालय भेजा जाएगा, जिसके बाद संबंधित मेडिकल स्टोर्स और नर्सिंग होम पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद जिलेभर के मेडिकल कारोबारियों में डर का माहौल है। विभाग का कहना है कि आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी ताकि नशे के रूप में इस्तेमाल होने वाली दवाओं की अवैध बिक्री पर रोक लगाई जा सके और मरीजों से हो रही मनमानी वसूली पर नियंत्रण किया जा सके।